लोकेश्वर सिन्हा@ गरियाबन्द। जिले को केन्द्रीय विद्यालय की सौगात मिलने के पांच साल बित जाने के बाद भी अब तक जिला प्रशासन केन्द्रीय विद्यालय के भवन निर्माण हेतु जमीन आरक्षित नही कर पाया है। तमाम कोशिशों के बावजूद प्रशासन यह नहीं बता पा रहा है कि आखिर कब केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन आबंटित होगी और भवन बनेगा। इधर पूर्व में केन्द्रीय विद्यालय के लिए शिक्षा विभाग के द्वारा मांग की गई शासकीय जमीन को खाद्यान्न गोदाम के लिए आबंटित करने के बाद भाजपा ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। भाजपा ने एक दिवसीय दौरे में गरियाबंद पहुॅचे संभागीय कमिश्नर ए कुलभूषण टोप्पो को ज्ञापन देकर उक्त निर्माण कार्य को रूकवाकर केन्द्रीय विद्यालय के लिए आबंटित करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में सरकार बदलने के बाद से केन्द्रीय योजनाओं को लेकर जिले के अफ़सर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। जिसके चलते अनेक केन्द्रीय योजनाए लागु नही हो पा रही या फिर आम जनता को उसका सही लाभ नही मिल पा रहा है। इसमें केन्द्रीय विद्यालय सहित अनेक योजए अटकी पड़ी है। जिले के लिए 2017 में केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ। लेकिन बिते पांच साल में जिला प्रशासन केन्द्रीय विद्यालय के लिए जमीन आरक्षित नही कर पाया है। वही इसके पूर्व जिस शासकीय ज़मीन पर प्रशासन ने केन्द्रीय विद्यालय बनाने के लिए योजना तैयार की थी उस ज़मीन को वर्तमान में स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पाेरेशन को खाद्यान्न भंडारण हेतु गोदाम निर्माण के लिए आवंटित कर दिया गया है, जबकि उक्त ज़मीन की माँग ज़िला शिक्षा अधिकारी द्वारा केन्द्रीय विद्यालय के स्थाई भवन निर्माण हेतु की गई थी।
सरकारी दस्तावेजो के मुताबिक तहसील गरियाबंद के ग्राम नहरगाव में भूमि खसरा नम्बर 1809 रक़बा 4.96 हे. भूमि की मांग जिला शिक्षा विभाग द्वारा केन्द्रीय विद्यालय के भवन के लिए की गई थी। लेकिन जानकर ताज्जुब होगा की उस वक्त खनिज, पुलिस और विद्युत विभाग ने इसी ज़मीन पर केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए आपत्ति दर्ज करा दिया था कि बिजली के तार ज़मीन के ऊपर से गुज़रा है साथ ही खनिज की उपलब्धता इस ज़मीन पर है। जिसके कारण केंद्रीय विद्यालय का भवन इस ज़मीन पर नहीं बन सकता। अब इसी ज़मीन को गोदाम बनाने के लिए ज़िला प्रशासन ने तमाम आपत्तियों को ख़ारिज करते हुए आसानी से गोदाम निर्माण के लिए आवंटित कर दिया और कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इसे लेकर अब भाजपा विरोध कर रही है।
भाजपा जिला महामंत्री अनिल चंद्राकर, वरिष्ठ नेता मुरलीधर सिन्हा, आशीष शर्मा, राधेश्याम सोनवानी, कुलदीप खरे ने बताया कि ज़िले के लिए केन्द्रीय विद्यालय वर्ष 2017 से स्वीकृत है लेकिन पिछले पाँच साल के दरम्यान ज़िला प्रशासन इस विद्यालय के लिए ज़मीन ही नहीं ढूँढ ही नहीं पाया जिसके चलते केंद्रित विद्यालय का भवन निर्माण अधर में है। प्रशासन की घोर लापरवाही का आलम यह है की जनभावना से जुड़े मूलभूत ज़रूरत की योजनाओं को एक सिरे से ख़ारिज किया जा रहा है। जिससे आम जनता में नाराज़गी व्याप्त है।
उन्होने कहा कि ज़िला बनने के बाद ऐसा ज़िला प्रशासन पहली बार देखने को मिल रहा है जिसमे केंद्रिय योजनाओं में घोर लापरवाही बरती जा रही है। एक ही ज़मीन में कई तरह के आदेश प्रशासन जारी कर रहा है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण ज़िला मुख्यालय से तीन किमी दूर ग्राम नहरगाव स्थित भूमि खसरा क्रमांक 1809 रक़बा 4.96 हेक्टेयर भूमि है। यही प्रशासन ने केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण हेतु चयन किया और यही प्रशासन ने अनेक तरह की आपत्ति दर्ज कराते हुए रोड़ा अटकाकर प्रकरण नस्तीबद्ध कर केंद्रीय विद्यालय के भूमि मांग को बंद कर दिया। वही तमाम आपत्तियों को नज़र अंदाज करते हुए अब प्रशासन ने गोदाम बनाने के लिए उक्त ज़मीन को आसानी से आवंटित कर दिया। यह केन्द्रीय योजनाओ को में रोड़ा अटकाने का प्रशासनिक षडयंत्र है। भाजपा ने कमिश्नर से मामले में त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है।
पांच साल में जिला प्रशासन केन्द्रीय विद्यालय के भवन हेतु जमीन आरक्षित नही कर पाया,,, नहरगांव में मिली जमीन प्रशासनिक षडयंत्र का शिकार, खाद्यान्न गोदाम हेतु आरक्षित
