सरकारी कार्यालय को आवास बनाकर निवास करते हैं प्रभारी कृषि अधिकारी…कार्यालय संचालन में गड़बड़ी की आशंका

भुवन पटेल@कवर्धा। कृषि विभाग इन दिनों काफी सुर्खियों में है । यहां पर सारे नियम-कायदों को ताक में रखकर कार्य किया जा रहा है । अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था के नाम पर अपने पसंदीदा को अधिकारी -कर्मचारी प्रभार दे रहे हैं जबकि उक्त पद के योग्यता रखने वाले उनके अधीनस्थ होकर काम कर रहे हैं । पंडरिया कृषि विभाग में सुरेश चंद्र प्रसाद को प्रभारी वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी बना दिया गया है । जिनके द्वारा नियमो को ताक में रखकर निवास स्थान में रहने के बजाए सरकारी कार्यालय के बैठक रूम में ही रात्रि विश्राम किया जाता है और सरकार के द्वारा मकान किराया कटौती किया जाता है उसे भी नही कटवाया रहा है मतलब अपने उच्चाधिकारियों को बिना जानकारी दिए ही वहां पर निवास करते हैं जिसमे कार्यालय संचालन में गड़बड़ी की आशंका लोगो के द्वारा व्यक्त किया जा रहा है जो जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है ।

प्रभारी के भरोसे कृषि विभाग

पंडरिया कृषि विभाग में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के रहते अधिकारी अपने चहेते सुरेश चंद्र प्रसाद को प्रभारी वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी का दायित्व दे दिया है जबकि उनका मूल पद कृषि विकास अधिकारी है और उनका मुख्यालय पंडरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम कुकदूर है । उनको कार्यलयीन ज्ञान बहुत कम है साथ ही उनके व्यवहार से लोगो मे नाराजगी भी है बावजूद उन्हें प्रभारी अधिकारी का जिम्मेदारी दिए जाने से सवालिया उठ रहा है ।

कार्यालय बना निवास स्थान

पंडरिया स्थित कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय के ऊपर में बने बैठक हाल को ही प्रभारी अधिकारी ने अपना निवास स्थान बना लिया है जबकि उक्त अधिकारी को मालूम है कि नियमानुसार वहां पर सरकारी कार्यलयीन कामकाज करने के लिए कार्यालय बना है बावजूद निवास स्थान में निवास नही करता है । जिसके लिए शासन से आवास भत्ता दिया जाता हैं । वही सरकारी भवन में निवास करने से वह राशि वेतन से कटौती कर शासन को जमा होता है लेकिन ऐसा नही हो रहा है जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुचा रहा है अधिकारी ।

मिनीकिट एव अन्य योजनाएं में गड़बड़ी की आशांका

सरकार के द्वारा किसानों के लिए अनेक प्रकार की हितग्राहियों व किसानों के अनुसार योजना संचालित है साथ ही निःशुल्क वितरण करने के लिए मिनीकिट आता है जिसे ग्रामीण कृषि विकास अधिकारियों के माध्यम से किसानों को वितरित किया जाता है उसमें भी अपने चहेते ग्राम सेवको के माध्यम से कुछ चिन्हित किसानों को दिया जाने की हल्ला है जिसकी जांच करने की आवश्यकता है । जांच में सभी तथ्य सामने आ जाएगा ।

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