चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल अस्पताल का अधिग्रहण सरकार का फैसला गलत?? उच्च न्यायालय की बेंच ने याचिका स्वीकार की

भिलाई(न्यूज 24 कैरेट /सतीश पारख)चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल दुर्ग मामले में अमित चंद्राकर व अन्य 5 द्वारा दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट बिलासपुर की न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी व न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल की बेंच ने स्वीकार करते हुवे चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल के 13 डायरेक्टर व इंडियन बैंक को नोटिस जारी किया है*
सरकार द्वारा अधिग्रहण को और लीज की जमीन पर इंडियन बैंक द्वारा ऋण दिए जाने को गलत ठहराते हुवे अमित चंद्राकर सहित 5 अन्य ने याचिका दायर की थी जिसे हाईकोर्ट की बेंच ने आज स्वीकार करते हुवे नोटिस जारी किया ।

ज्ञात हो की दुर्ग भिलाई विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण रहते अविभाजित मध्यप्रदेश के समय वरिष्ठ नेता पत्रकार चंदूलाल चंद्राकर के नाम को चिरायु रखने के उद्देश्य से तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार ने गरीबों को उचित इलाज मुहैया कराने के फैसले के तहत मार्केट से बहुत कम दर पर नेहरूनगर भिलाई चौक पर जमीन प्रदान की थी ।उक्त जमीन की लीज शर्तों पर इस बात का उल्लेख है की उक्त भूमि लीज धारक समिति बेच अथवा गिरवी नही रख सकती किंतु शर्तों का उल्लंघन करते इंडियन बैंक भिलाई ने उन्हें ऋण दिया। बाद में जब संस्था डूबने की कगार पर आने लगी तो प्रदेश की भूपेश सरकार ने उसे बचाने एक फैसला उसके अधिग्रहण का लिया जिसमे बैंक कर्ज पटाने के बाद भी डायरेक्टरों का हित निहित दिखा।इन सभी बातों को लेकर चंदूलाल चंद्राकर के नाती अमित चंद्राकर ने एक जनहित याचिका दायर की जिसे उच्च न्यायालय की बेंच ने स्वीकार कर 13 डायरेक्टर और इंडियन बैंक को नोटिस जारी किया है।

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