- अभी तक केवल 7 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर पाया विभाग
- स्वास्थ्य संयोजको के हड़ताल का व्यापक असर
दुर्ग। 21 मार्च 2022 से जारी स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ की प्रांतव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल 10वे दिन भी जारी है जिसमें दुर्ग जिले के सैकड़ो स्वास्थ्य संयोजक कैडर के कर्मचारी जिसमे स्वास्थ्य संयोजक महिला व पुरुष ,सुपरवाइजर ,एलएचवी,खंड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी शामिल है जिसके कारण जिले में ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप्प पड़ी है । जिसका आंकलन इस बात से लगाया जा सकता है कि 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोविड टीका लगाने का कार्यक्रम प्रारम्भ हुए 15 दिन हो गए है लेकिन राज्य शासन ने जो आंकड़े जारी किए है उसमें दुर्ग जिले का लक्ष्य 84751 है जिसके विरुद्ध में अभी तक मात्र 5871 बच्चों का टीकाकरण हो पाया है जो मात्र 7 प्रतिशत उपलब्धि है लेकिन अगर यह हड़ताल नही होता तो ये उपलब्धि 80 प्रतिशत को पार कर जाता क्योंकि जो स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी हड़ताल में बैठे है ये ही ग्रामीण स्वास्थ्य के रीढ़ की हड्डी है ये ही वही कर्मचारी है जो गर्भवती व शिशुओं के टीकाकरण के साथ साथ कोविड टीकाकरण में वैक्सीनटेर व डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का कार्य करते है।

स्वास्थ्य विभाग अभी केवल पीएचसी व सीएचसी में हायर किये कर्मचारियों से टीका लगवा रहा है जो कि नाकाफ़ी साबित हो रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवा कोविड टीकाकरण , उप स्वास्थ्य केंद्र में होने वाले प्रसव , बच्चो एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण ,गर्भवती व शिशुवती महिलाओं की जांच ,बच्चों को विटामिन ए ,आयरन सिरप, कृमिनाशक दवाई ,सामान्य सर्दी खांसी का इलाज,परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत अस्थायी साधनों का वितरण ,कुष्ठ व टीबी मरीजो की दवाई ,दिव्यांगों की जांच ,उल्टी दस्त के मरीजो का इलाज ,बुखार के मरीजो का खून जांच व दवाई ,ग्रामीणों की बीपी व शुगर जांच ,मोतियाबिंद के ऑपरेशन, बच्चो का जन्म प्रमाण पत्र ,मुख्यमंत्री स्वास्थ्य एवं सुरक्षा केंद्र हेल्थ एंड वेलनेस से इलाज आदि सेवाएं बाधित है साथ ही वित्तीय वर्ष का पूरा लेखा जोखा की रिपोर्टिंग नही हो पाने से शासन की कामकाज की उपलब्धि पर भी असर पड़ रहा है।

