चैत्र का मास प्रारंभ हो चुका है. शास्त्रों में इस मास का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है. इस मास की एकादशी तिथि को महत्वपूर्ण माना गया है. पंचांग के अनुसार 28 मार्च 2022, सोमवार को चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है.
हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष महत्व है. आज पूरे देश मे साहू समाज द्वारा भक्त माता कर्मा देवी की जयंती मनाई जा रही है। मां कर्मा देवी भगवान की महान भक्त थीं, इसलिए श्रीकृष्ण ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए थे। तब माता ने अपने सामने बैठकर भगवान श्रीकृष्ण को खिचड़ी खिलाई थी। अत: इस दिन मां कर्मादेवी का पूजन-अर्चन अनिवार्य रूप से करने तथा खिचड़ी का भोग लगाकर प्रसाद बांटने की मान्यता है। इस दिन साहू तेली समाज द्वारा भक्त शिरोमणि मां कर्मादेवी की जयंती धूमधाम से मनाई जाती है। साहू समाज की आराध्य देवी कर्मादेवी सेवा, त्याग और भक्ति समर्पण की देवी हैं। माता कर्मा की गौरव गाथा जनमानस में श्रद्धा तथा भक्तिभाव से वर्षों से चली आ रही है। मां कर्मा देवी का जन्म पापमोचनी एकादशी के दिन उत्तरप्रदेश के झांसी नगर में चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को हुआ था।
