पाटन— जनपद पंचायत संसाधन केंद्र पाटन में 112 ग्राम पंचायतों के पंचगण, उप सरपंच एवं सरपंचों का सम्मेलन व प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें 73 वे संविधान संशोधन, कर्तव्य, कार्य दायित्व, एवं अन्य शक्तियों के पंचायत राज 73 वां संविधान संशोधन अधिनियम जिसमें पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाकर स्वशासन के इकाई के रूप में स्थापित करना ,
सरपंच शब्द के चार अक्षर…
स. सभी के सुख और दुख में शामिल रहने वाला,
र. रंग रुप जाति भेद ना करने वाला,
प. परसेवा की भावना से कार्य करने वाला,
च. चोबिस घंटे में से चोबिस घंटे अपनी पंचायत को विकास की ओर ले जाने वाला,
प्रशिक्षण के दौरान… 1.छ ग पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 6 में ग्राम सभा आयोजन का प्रावधान है जिसमें गणपूर्ति कराकर ग्राम सभा का आयोजन कराना ,
2.छ ग पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 44 में पंचायत की कामकाज एवं प्रतिमाह आय व्यय की जानकारी देना,

- छ ग पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 46 में स्थायी समिति का बैठक आयोजन करना,
- छ ग पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 77 के तहत अनिवार्य कर, एछिक कर व वैकल्पिक कर लगाकर शतप्रतिशत वसूली करना,
- ग्राम पंचायत लेखा नियम 1999 के नियम 37,38,39 का पालन सुनिश्चित करना आदि
ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत टाईड फंड व अनटाईड फंड की जानकारी दिया गया
1947 में देश स्वातंत्र हुआ उसके बाद हमारे देश में डा. बी आर अम्बेडकर जी की अध्यक्षता में समिति गठन कर देश चहुंमुखी विकास के लिए संविधान 2 वर्ष 11 माह और 8 दिन में बनाकर तैयार किया गया फिर दिनांक 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान देश को समर्पित किया गया उसके बाद संविधान के अनुरूप सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग ,शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े सभी विभागों के द्वारा कार्य अनूप हमारा गाँव संवागिण विकास कर रहा है,
इसी कड़ी में… - लो कास्ट नो कास्ट, 2. प्लास्टिक उपशिस्ठ प्रबंधन,
- फिट इंडिया, 4. बच्चे कुपोषित न होने का उपाय, 5. पोषण से संबंधित गतिविधियां, 6. आर्थिक विकास एवं आजीविका, 7. महिला सशक्तिकरण से संबंधित गतिविधियां, 8. स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और शौचालय का 100 का प्रतिशत उपयोग, 9. पेड पौधे लगाना 10. गाँव में मिलजुल कर रहना 11. घरों और गाँवों में साफ सफाई रखना, 12. बरसात में होने वाली बिमारियों से बचने के उपाय आदि,
संविधान के अनुच्छेद 243 छ के अनुसार 11 अनुसूची के अनुसार भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जैसे गरीबी उन्मूलन, पोषण, पेयजल, एवं स्वच्छता, शिक्षा गुणवत्ता, बेहतर स्वास्थ्य इसी तरह सतत विकास के लक्ष्य जिसमें 17 लक्ष्यों की जानकारी दी गई,
हमारा भारत देश गावों का देश है और गांवों की विकास में राज्य व भारत देश का विकास है गांवों की विकास एवं तरक्की से नवाजा छत्तीसगढ़ व नये भारत निर्माण कर करना है,
सम्मेलन में आये सभी प्रशिक्षार्थी हमारा गाँव कैसा हो कि जानकारी दी गई….. - मेरे गांव में 100 प्रतिशत शौचालय का उपयोग हो,
- मेरा गाँव साफ सुथरा और स्वच्छ हो,
- मेरे गांव में स्वच्छ पेयजल हो,
- मेरा गाँव कुपोषण मुक्त हो,
- मेरे गांव में हरियाली हो,
- मेरे गांव में 100 प्रतिशत टीकाकरण हो,
- मेरे गांव में प्राकृतिक संसाधन हो.
- मेरा गाँव संवागिण विकास हो,
- मेरे गांव में खेलकूद का साधन हो,
- मेरा गाँव आत्मनिर्भर हो,
यही से प्रारंभ होगा नवा छत्तीसगढ़ और नये भारत का निर्माण और 21 वी सदी की ओर बढेंगे,
संसाधन केंद्र पाटन में प्रशिक्षण के दौरान जनपद पंचायत पाटन में लगभग 400 पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवेन्द्र वर्मा जी, मुख्य कार्य पालन अधिकारी मनीष साहू जी के तत्वधान में मास्टर टे्नर्स श्री श्रीराम वर्मा, करारोपण अधिकारी, श्री कंहैया लाल मन्नाडे करारोपण अधिकारी, श्री राजेन्द्र सिंह ठाकुर करारोपण अधिकारी के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया, साथ ही परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पाटन , विकास खंड शिक्षा अधिकारी पाटन, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी पाटन, एवं स्वच्छता विभाग से क
श्री नरेश साहू व नीलमणी चंदेल के द्वारा भी विभाग से संबंधित प्रशिक्षण में भागीदारी निभाया गया,
जो साबुन से नहाता हैवो सिर्फ लिबास बदलता है,
लेकिन जो पसीने से नहाता है वो देश का इतिहास बदलता है,,

