संदीप को राज्यसभा में भेजने के फैसले को केजरीवाल के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने के फैसले पर पहला कदम माना जा रहा
(न्यूज24 कैरेट छत्तीसगढ़/सतीश पारख) आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने छत्तीसगढ़ के संदीप पाठक को राज्यसभा सांसद बनाने का फैसला लिया है ।संदीप का जन्म छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला लोरमी विकासखंड के गांव बटहा में एक किसान परिवार में 4 अक्तूबर1979 को हुआ। सदीप पाठक बड़े बेटे है तथा छोटे भाई प्रदीप पाठक एवम एक बहन प्रतिभा पाठक है ।संदीप की प्राथमिक शिक्षा ग्राम बटहा में हुई फिर आगे की पढ़ाई उन्होंने लोरमी फिर बिलासपुर से की तथा उसके बाद हायर शिक्षा उन्होंने हैदराबाद में डिप्लोमा में उन्होंने गोल्ड मैडल प्राप्त किया ।उनके पिता शिव कुमार पाठक ने बताया की आगे पढ़ाई उन्होंने
लंदन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर वो फिर वो देश लौट आए।तथा दिल्ली आई आई टी में प्रोफेसर रहे।राजनीति में रुचि के चलते वो केजरीवाल से जुड़े।
आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने उन्हे पंजाब चुनाव में जिम्मेदारी दी ।आम आदमी पार्टी की जीत में संदीप की विशेष भूमिका रही ।
संदीप की रणनीति पर काम करते ही आम आदमी पार्टी ने पंजाब में फतह हासिल की जिसके चलते केजरीवाल ने उन्हे राज्यसभा में भेजने का फैसला किया । आम आदमी पार्टी के फैसले पर
परिवार व गांव वालों में खुशी की लहर है।
राजनीति में जुड़कर केजरीवाल के साथ संदीप ने बेहतर कार्य किया जिसके परिणाम स्वरूप ही आज पार्टी नेतृत्व ने उन्हे राज्यसभा में भेजने का फैसला लिया। परिवार व गांव वालों ने संदीप के सांसद पद हेतु भेजने के फैसले पर केजरीवाल का धन्यवाद ज्ञापित करते हुवे
कहा की मुंगेली जिला सहित छत्तीसगढ़ व छत्तीसगढ़ के किसानों का मान बढ़ाने के लिए आभार माना।
पिता शिव कुमार पाठक ने कहा पुत्र राष्ट्रहित देशहित के लिए अच्छा काम करते आगे बढ़े।
मां प्रभा पाठक ने पुत्र के मानव सेवा में कार्य करने व आगे बढ़ने हेतु आशीर्वाद दिया।।
ज्ञात हो की आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पंजाब को जीत के बाद आगामी 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा में आम आदमी पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा से संदीप पाठक के राज्यसभा की सदस्यता को जोड़कर देखा जा रहा है की आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ का आगामी चुनाव पूरे दम खम के साथ चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है।बुद्धिजीवियों व राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है की आप के छत्तीसगढ़ के चुनाव मैदान में उतरने से राजकीतिक फिजा बदलेगी तथा जिस तरीके से दिल्ली में केजरीवाल ने काम किया है उससे उन्हे छत्तीसगढ़ में भी कमजोर नही आंका जा सकता।



