चंदूलाल मेमोरियल कचांदुर से निकाले गए कर्मचारी आंदोलनरत,,,जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन व छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा का समर्थन,,,,,आज कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे कर्मचारियों ने बताया हमारे सामने भूखों मरने की स्थिति पर प्रशासन व सरकार कुंभकर्णी नींद में


दुर्ग शहर(न्यूज24 कैरेट/सतीश पारख) चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज कचांदुर के सैकड़ों की संख्या में निकाले गए कर्मचारी आज आंदोलनरत रहे।मेडिकल कालेज के सरकारी अधिग्रहण उपरांत निकाले गए कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम पर 4 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।. 11 बजे से 1 बजे तक लगातार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया। चिलचिलाती धूप में भी कर्मचारी बैठे रहे। वही एक स्वास्थ कर्मचारी भारती बेहोश हो गई उन्हें तत्काल दुर्ग शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया,दर्जनों की संख्या में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तैनात खड़े थे।मानो कर्मचारी न्याय मांगने नही आतंकी हमला करने आए हों।ज्ञात हो कि मोहन लाल बघेल सुरक्षा गार्ड के पद पर 2013 से कार्यरत हैं ।उन्होंने 14 मार्च को आमरण अनशन शुरुआत किया था जिस पर जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने पर आठवें दिन नाराज होकर कर्मचारी कलेक्टर ऑफिस पहुंचे जिस पर कलेक्टर साहब ने उनके आवेदन को पढ़ने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया ।उन्होंने बताया की कलेक्टर से बातचीत सौहाद्रपूर्ण वातावरण में हुआ, उसके बाद पद्मिनी बोई ए डी एम ने अनशन करता मोहन बघेल को पानी पिला कर उनका आमरण अनशन तुड़वाया। कलेक्टर से मुलाकात करने गए आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि धनुष कुमार साहू देवराज साहू अनीता साहू शीला साहू और विकास ने बताया कि 4 सूत्री मांग में 1..सरकारी अधिग्रहण के उपरांत कोर्ट में नई वैकेंसी पर किसी भी प्रकार की भर्ती पर स्टे दिया है। इसके खिलाफ कोर्ट की अवमानना कर ठेकेदारी प्रथा से कुछ लोगों को काम पर लिया जा रहा है..। 2.. इसे पहले सुमित और धनिया आंदोलन पर बैठे थे जिस पर महिला साथियों पर वेश्यावृत्ति करने का उठा आरोप लगाया गया ।
ओर मातृशक्ति का अपमान किया गया ।3..सीएम सर मुलाकात करने के लिए समय मांगा गया..।4.. कर्मचारी अपने 2013 से बकाया वेतन जो पूर्व मालिक के द्वारा चुकाया जाना है जिसमें उनको मिनिमम वेजेस भी नहीं मिला वो दिलाया जाना चाहिए । आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज कचांदूर दुर्ग में नई भर्ती के खिलाफ उन्होंने एक याचिका लगाई थी हाईकोर्ट ने जिसके फेवर में निर्णय देते हुए हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है । बावजूद हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है ।न्यायालय की अवमानना की जा रही है। मजदूर कार्यकर्ता समिति के कलादास डेहरिया ने बताया इससे पहले भी कर्मचारी अधिग्रहण उपरांत अपने संविलियन की मांग को लेकर तरह-तरह के आंदोलन जैसे की भूख हड़ताल आमरण अनशन मशाल रैली धरना संगोष्ठी आदि समय-समय पर करते रहे हैं पिछले 6 महीने से कोई काम नहीं है ।और भुखमरी जैसी स्थिति है. दर्जनों आवेदन के बाद भी मुख्यमंत्री इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई बात नहीं कर रहे हैं. आज जब कलेक्टर को जनता के बीच आने का बात कहा गया तो जिला प्रशासन गिरफ्तार करने डग्गा लाकर खड़ा कर दिया पर कलेक्टर नीचे नही आए ।उन्होंने इसे लोकतंत्र में तानाशाही हावी होने की बात कही।
सुमित,शिला,देवराज,लोमेश,धनुष,मोनिका,शिला,भारती, महेंद्र,मिसि,रूचि,राजकुमार,राजकुमारी,अनीता, कलादास डेहरिया आदि सैकड़ो साथी उपस्थित थे
जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन,
छत्तीसगढ़ मुक्क्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति उक्त जानकारी कलाराम डहरिया ने दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *