विगत 3 वर्षों से नियमितीकरण वेतन वृद्धि रोजगार सहायकों का वेतन निर्धारण (ग्रेट फिक्सेशन) विगत चार-पांच माह से वेतन भुगतान में लंबित होने एवं सिविल सेवा 1966 पंचायत कर्मी नियमावली लागू करने के संबंध
देवभोग। लोकसभा एवं राज्यसभा में कांग्रेस सरकार द्वारा बिल पारित कर मनरेगा अधिनियम 2005 को सभी राज्यों में प्रारंभ किया गया था,जिसके कुशलता पूर्वक संचालन हेतु त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था मैं लगे बहुत से मनरेगा संविदा अधिकारी कर्मचारियों को काम करते हुए आज 10 से 15 वर्ष पूर्ण हो गया है कई अधिकारी कर्मचारी की उम्र 40 वर्ष से अधिक हो गई है और आज भी स्थायीकरण की आस लगाए हुए निरंतर मनरेगा में अपनी ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक सेवा दे रहे हैं मनरेगा में मजदूरों को 100 दिवस के रोजगार की गारंटी इस अधिनियम के तहत दिया गया है एवं प्रतिवर्ष मजदूरी दर में वृद्धि की जाती है जबकि मनरेगा में कार्यरत संविदा अधिकारी कर्मचारियों की सेवाओं की की गारंटी शासन द्वारा नहीं दी जाती बिना किसी ठोस कारण की सेवा से पृथक कर दिया जाता है एवं विगत 2 वर्षों से शासन द्वारा वेतन वृद्धि भी नहीं की गई है हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा में कार्यरत संविदा अधिकारी कर्मचारियों के नियमितीकरण कर दिया गया इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी मनरेगा में कार्यरत संविदा अधिकारी कर्मचारियों के स्थायीकरण हेतु अतिरिक्त बजट भारतीय शासन को नहीं आएगा।
छत्तीसगढ़ शासन वित्त एवं योजना विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर के पत्र क्रमांक/194/एक वित्त /निगम/ चार/2013,रायपुर दिनांक 19.06.2013 के द्वारा जारी अपर पमुख्य सचिव,वित्त एवं योजना विभाग के निर्देशानुसार ऐसे अस्थाई पद जो 03 वर्ष से अधिक अवधि से निरंतर चल रहे हैं एवं उनकी दीर्घकाल तक जारी रखना आवश्यक है ऐसे पदों को स्थाई करने का प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ की 2 सूत्री मांग-
- कांग्रेस के जन घोषणा पत्र 2018 एवं मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा पटल जुलाई 2021 के अनुसार सभी मनरेगा संविदा अधिकारी कर्मचारियों को नियमितीकरण किया जावे ।
- तत्कालीन मांग 30% की वेतन वृद्धि मनरेगा में कार्य अधिकारी कर्मचारियों की की जावे ।
क्या कहते हैं पी.ओ.
ने जानकारी देते हुए कहा कि जिला मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा दिया गया जिसके बदले आस्वासन देते हुए बात को राज्य शासन तक पहुचाने की बात रखि गई है।
