निर्माण कार्यों में अनियमितता,विद्युतीकरण व संलग्नीकरण जैसे मुद्दों को लेकर बिफरे जि.पँ.उपाध्यक्ष संजय नेताम

लोकेश्वर सिन्हा

गरियाबंद जिला पंचायत गरियाबंद के सभागार में जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आहूत की गई जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापति व सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर सदन के पटल पर अपनी बात रखी। जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने अपने चिरपरिचित शैली में मुखर होकर जनहित के कई मुद्दों को सदन के पटल पर रखकर अधिकारियों को घेरा। सर्वप्रथम उन्होंने जलसंसाधन विभाग द्वारा निर्माणाधीन देवभोग ब्लॉक के अमाड़ व्यपवर्तन योजना व धूपकोट व्यपवर्तन योजना तथा मैनपुर ब्लॉक के भेजीपदर व्यपवर्तन योजना, डोकरेल व्यपवर्तन योजना, रताखँड व्यपवर्तन योजना, कुंडेरापानी व्यपवर्तन योजना तथा पीपलखूंटा व्यपवर्तन योजना एवं गरियाबंद-छुरा ब्लॉक के पीपरछेड़ी जलाशय के निर्माण कार्यों में गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य कराए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने की माँग रखी। यह अधिकारियों के मिलीभगत से भ्रष्टाचार को संरक्षण प्रदान करने जैसा मामला है इस पर त्वरित कार्यवाही की उन्होंने माँग पटल पर रखी। उन्होंने पीएचई विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत चल रहे कार्यों तथा ग्राम पंचायतों में सीईओ व अनुविभागीय अधिकारी द्वारा बिना लिखित कार्यालयीन आदेश के रनिंग वाटर के लिए पंद्रहवें वित्त विभाग की राशि को खर्च करने का दबाव बनाया जा रहा है जिससे पंचायत के विकास कार्यों के लिए जमा राशि का दुरुपयोग होगा और अपनों को उपकृत करने के एवज में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने इस व्यवस्था को तत्काल ठीक कराने की माँग रखी। पूर्व में मैनपुर ब्लॉक के 33 ग्राम पंचायतों में विभाग द्वारा 85% राशि तथा ग्राम पंचायतों से 15% राशि व्यय करने हेतु आदेश किया गया था उसी तर्ज पर कार्य करें। जबकि उक्त कार्य को संबंधित विभाग के द्वारा ग्राम पंचायत को कार्य एजेंसी बनाया गया हैं परंतु विभाग द्वारा अपने चहेतों को कार्य करने दिया गया और निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद जब पंचायतों के खाते में राशि डाला गया तब ठेकेदार के द्वारा पंचायतों को बताया गया कि इस कार्य की कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत हैं। जबकि मैनपुर ब्लाक व देवभोग ब्लॉक के उच्यधिकारीयो के द्वारा बाकी पंचायतों को दबाव बनाया जा रहा है कि कार्य को जल्दी से करने का? वही एक अधिकारी से फोन लगा कर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दबाव तो बनाया जा रहा हमे भी जिला मुख्यालय के उच्यअधिकारी का दबाव हैं कि ये कार्य जल्द ही पूर्ण करने का… साथ ही उपाध्यक्ष ने क्षेत्र में वन विभाग की उदासीनता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए वन विभाग को कहा कि हमारा जिला वनाच्छादित जिला होने की ख्याति थी लेकिन विभाग की उदासीनता से जंगल अब सिमटते जा रहे हैं तथा विभाग के अधिकारी कर्मचारी इस पर किसी प्रकार से गंभीर नहीं है जिससे वनों का क्षेत्रफल अब सिमटता जा रहा है। इसके अलावा मैनपुर वन परिक्षेत्र व आसपास के वन परिक्षेत्र में वनाधिकार पट्टा के पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टा वितरण भी नहीं किया जा रहा जिसकी परीक्षण उपरांत पात्र हितग्राहियों को तत्काल वनाधिकार पट्टा प्रदान की जाए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने मैनपुर ब्लॉक के राजापड़ाव क्षेत्र में पांच ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी ग्रामों व उनके पारा टोला मजरा में विद्युतीकरण करने का मामला सदन के पटल पर उठाया जिस पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मजरा टोला विद्युतीकरण योजना में इस विद्युतविहीन ग्रामों को विद्युतीकरण से जोड़ने की बात कही। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग में शिक्षकों के संलग्नीकरण समाप्त कर मूल शाला में भेजे जाने के आदेश पर अपनी बात रखी और कहा कि ज्यादा दर्ज संख्या वाले स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम है तथा कई ऐसे स्कूल जहाँ दर्ज संख्या कम होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या अधिक है ऐसे में संलग्नीकरण समाप्त करने से कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो जाएगी इसलिए बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हों इस प्रकार से संलग्नीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने आगे भी जनहित के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद करने की बात कही।

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