भुवन पटेल@कवर्धा। छत्तीसगढ़ सहित संपूर्ण भारत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (म.गां.नरेगा) की शुरूवात केन्द्र में कांग्रेस सरकार के फरवरी, 2006 किया गया था। भारत ग्राम प्रधान देश है इस महत्वाकांक्षी योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों के जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ है। इस योजना के जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले समस्त अधिकारी / कर्मचारी / ग्राम रोजगार सहायक राज्य, जिला जनपद एवं ग्राम पंचायत में आज भी संविदा / मानदेय पर अल्प वेतन में कार्यरत हैं। मनरेगा के मजदूरों को भी 100 दिवस रोजगार प्रदाय करने एवं 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान की गारंटी होती है परंतु हम मनरेगा कर्मियों के नौकरी की कोई गारंटी नहीं है। जिस प्रकार शिक्षाकर्मियों को नियमित किया गया है उसी प्रकार मनरेगा कर्मियों को भी नियमित करने की मांग की गई हैं । सरकार के द्वारा जन घोषणा पत्र में शामिल अन्य बिंदुओं को पूरा कर रहे हैं , वैसे ही मनरेगा कर्मियों की मांगो को जन घोषणा पत्र अनुरूप अवष्य पूरा करने की मांग कर रहे हैं ।

ये है दो सूत्रीय मांग
- चुनावी जन घोषणा पत्र को आत्मसात करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों का नियमितीकरण किया जावे ।
2 नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण कर समस्त मनरेगा कर्मियों पर सिविल सेवा नियम 1966 के साथ पंचायतकर्मी नियमावली लागू किया जावे। साथ ही विगत चार / पांच माह से मनरेगा कर्मियों का वेतन भुगतान एवं विगत तीन वर्षों से वेतनवृद्धि लंबित है। तद्संबंध में दिनांक 02.03.2022 को जिला कलेक्टर महोदय के माध्यम से टी. एस. सिंहदेव मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंप कर यथाषीघ्र कार्यवाही करने हेतु मांग किया गया था। इस होली पर्व पर मनरेगा कर्मियों की उपरोक्त मांगो को पूरा करते हुए हमें होली महापर्व पर नियमितीकरण की सौगात प्रदाय करने की करें, अन्यथा मनरेगा कर्मियों का होली त्यौहार फीका रहेगा।
बजट में प्रावधान नही होने से दुखी हैं कर्मचारी
हाल ही में बजटपेश किया गया जिसमे मनरेगा कर्मी बहुत आषांवित थे, परंतु बजट में मनरेगा कर्मियों के नियमितीकरण के संबंध में कोई उल्लेख नहीं होने के कारण बहुत दुखित एवं आक्रोषित हैं , यदि मनरेगा कर्मियों की मांगो को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया तो समस्त मनरेगा कर्मी (अधिकारी / कर्मचारी / ग्राम रोजगार सहायक) माह अप्रैल, 2022 के प्रथम सप्ताह से काम बंद कलम बंद कर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को विवश होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन की होगी ।धरना कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी सेव चंद्रवंशी , रमेश भास्कर , बाबूलाल मेहरा , तकनीकी सहायक अशोक कुर्रे , मुकेश साहू सहित जिलेभर के मनरेगा अधिकारी, कर्मचारी, लिपिक रोजगार सहायक उपस्थित थे ।
