ग्राम पंचायत एवं सतनामी समाज असोगा के संयुक्त तत्वावधान में सतनामी समाज की आराध्या गुरू माता ममतामई मिनी माता जी की 109वी जयंती समारोह महिला सशक्तिकरण के रूप में रविवार 13मार्च को शाम 4बजे असोगा में मिनी माता चौंक पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरू गद्दी में दीप प्रज्जवलित के पश्चात जयस्तंभ की पूजा अर्चना किया गया तत्पश्चात ममतामई मिनी माता के मूर्ति की पूजा अर्चना कर माल्यार्पण किया गया एवं उपस्थित मातृशक्तियों द्वारा केक काटकर गुरू माता के 109वी जयंती मनाई गई।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत असोगा के सरपंच अशोक रिंगवानी, उपसरपंच रमेश टंडन, पूर्व जनपद सदस्य शीतकरण महिलवार, पूर्व उपसरपंच हरीनारायण टंडन, भंडारी इन्द्र कुमार बंजारे,धनाराम टंडन, शशी महिलवार,शिक्षक लोकनाथ सोनवानी, राजेन्द्र मारकण्डे, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष सुखराम जांगड़े, महिला पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, मितानिन, महिला कमांडो, महिला स्वसहायता समूहों एवं गांव-समाज के मातृशक्तियों के आतिथ्य में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर महिलाओं के प्रतिभा को प्रोत्साहन देने से संबंधित विविध आयोजन रखा गया है, जिसमें मेंहदी, रंगोली, चित्रकला,सुईधागा,गोली चम्मच,फुग्गा,बिंदी, कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़,गीत ,कविता, भाषण,एकल एवं सामुहिक नृत्य आदि शामिल थे।।
जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं विजयी प्रदर्शन पर प्रतिभागी को आकर्षक इनाम देकर प्रोत्साहित किया गया। जिसके तहत सुरीली कुर्सी दौड़ में प्रथम सरोज मारकण्डे, द्वितीय पुष्पा कोसरे, तृतीय शैलेन्द्री सोनवानी, जलेबी दौड़ में प्रथम मानेश्वरी महिलवार, द्वितीय श्याम बाई जोशी, तृतीय भानमती रात्रे, रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम कविता महिलवार एवं प्रियांशु जांगड़े,द्वितीय सुष्मिता कुर्रे, तृतीय छांया टंडन, मेंहदी प्रतियोगिता में प्रथम पूजा टंडन, चित्रकला में रेणु टंडन एवं पार्वती टंडन तथा कविता में सलमा खुटेल, सुष्मिता कुर्रे एवं चेतना टंडन को ईनाम देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राधा देवांगन के द्वारा किया गया।।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने छत्तीसगढ़ के प्रथम सांसद ममतामई मिनी माता के जीवन में किए गए महान कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज के सभी वर्गों के लोगों के प्रति सम्मान एवं समता का विचार के साथ शिक्षा,समाज सेवा, न्याय एवं विकास हेतु हर संभव प्रयास करने पर जोर दिए।
इस दौरान शिक्षिका भानमती कुर्रे द्वारा अंगना में शिक्षा के तहत प्रेरित करते हुए बतायी कि कैसे घरों में महिलाएं अपने तमाम जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी बच्चों को शिक्षा प्रदान करके श्रेष्ठ मानव समाज बनाने में योगदान दे सकती हैं।
इस अवसर पर टुम्मन जोशी,छोटा चतुर्वेदी,चोवाराम गायकवाड, राजकुमार मारकण्डे, कलीराम टंडन, भोजराम महिलवार,गुहन, रोहित टंडन, कुमार टंडन,भागी,अनील, जीवन,मूशन धृतलहरे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे व युवा जन उपस्थित रहे।


