गुरू घासीदास के संदेश मानव-मानव एक समान को साकार करते लोगों में दिखी समाजिक समरसता-
पंथी पार्टी, सतनाम अखाड़ा एवं डीजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा में सर्व समाज के लोग शामिल हुए-
बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग शामिल होकर भोजन भंडारा व मालपुआ प्रसाद एवं रात्रि कालीन आयोजन लोक कला नाचा गम्मत का आनंद लिए-
सतनाम के प्रवर्तक गुरू घासीदास के जन्म स्थली गिरौदपुरी में फागुन मास के पंचमी छठ एवं सप्तमी को लगने वाले गुरू दर्शन मेला के शुभ तिथि पर असोगा में बुधवार 9मार्च को ग्राम पंचायत एवं सतनामी समाज के संयुक्त तत्वावधान में नवनिर्मित जयस्तंभ में पालो चढ़ाने एवं मिनी माता मूर्ति का अनावरण किया गया।
गुरूगद्दी में दीप्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि निर्मल कोसरे महापौर एवं जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग, अध्यक्षता सोहन बघेल अध्यक्ष तहसील सतनामी समाज पाटन, विशिष्ट अतिथि आशीष वर्मा ओएसडी, विशेष अतिथि दिनेश टंडन सदस्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण एवं महासचिव तहसील सतनामी समाज पाटन, श्रीमती दिनेश चतुर्वेदी भामाशाह सम्मान सम्मानित समाज सेविका एवं संरक्षक तहसील सतनामी समाज पाटन, अशोक साहू जिला पंचायत उपाध्यक्ष दुर्ग,रमन टिकरिहा सभापति जनपद पंचायत पाटन, शिवप्रसाद देशलहरे उपाध्यक्ष तहसील सतनामी समाज पाटन, दिलीप टंडन सेक्टर अध्यक्ष, अशोक रिंगवानी सरपंच, रमेश टंडन उपसरपंच व पंचायत प्रतिनिधियों एवं समाजिक पदाधिकारियों के द्वारा हुआ तत्पश्चात पंचायत द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ के प्रथम महिला सांसद एवं गुरूमाता मिनी माता के मूर्ति का अनावरण किया गया।
इस अवसर पर सरपंच अशोक रिंगवानी ने मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निर्मल कोसरे महापौर एवं जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग को एवं आशीष वर्मा ओएसडी को सौपे, जिसमें असोगा में सतनाम सामुदायिक भवन।जयस्तभं चौंक से जोहन जोशी गुरूजी घर एवं गरीबा घर से धोबिया तलाब तक अनुसूचित जाति निवासरत गली में लगभग 500मीटर सिमेंटीकरण।रानीतराई से कौही मुख्य मार्ग पर असोगा के सतनामी समाज हेतु स्वीकृत जगह पर बेरोजगारों के स्वरोजगार हेतु 10 व्यवसायिक परिसर। प्रधानमंत्री आवास व पेंशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ गांव के गरीब जनता को उपलब्ध कराने गरीबी रेखा सर्वे 2002 एवं2011के साथ ही साथ सर्वे से छुटे हुए किन्तु गरीब जरूरतमंद लोग जिनका पंचायत के प्रस्ताव से अनुमोदित किया जाएं ऐसे लोगों को भी योजनाओं के लाभ हेतु लाभार्थी व पात्रता माना जाएं इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकृति ।खर्रा नाला स्टाप डेम से अम्बेडकर तालाब तक सोलर पैनल से पानी आपूर्ति हेतु स्वीकृति। यात्री प्रतिक्षालय की स्वीकृति शामिल था।
पंथी पार्टी एवं सतनाम अखाड़ा तथा डीजे के प्रदर्शन के साथ निकली शोभायात्रा लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय किए जिसमें सर्व समाज से लगभग एक हजार लोग शामिल हुए और पंथी कला एवं सतनाम अखाड़ा संस्कृति से प्रभावित हुए।
सतनामी समाज के पूर्वजों द्वारा गांव में चारागाह हेतु लगभग 32एकड़ जमीन दान में दिए थे जिसमें वर्तमान में चारागाह के साथ ही साथ विभिन्न विकास हितार्थ अस्पताल, कालेज एवं पंचवन शामिल हैं। तथा सतनामी समाज के लोगों की मांग पर ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा में अनुमोदन पश्चात उक्त स्थान पर जयस्तंभ का निर्माण किया गया है, जिसमें शोभायात्रा के साथ पहुंचे लोगों ने पालो चढ़ाया गया।।
गांव में पुर्वजों द्वारा पचास साल पूर्व बने लकड़ी के जयस्तंभ के पानी से सीलन में कभी भी गिर जाने की संभावना पर गांव समाज के लैब संचालक रामनाथ टंडन द्वारा अपने माता- पिता स्व. रजऊ पनकीन टंडन के स्मृति में बनाए गए सरई लकड़ी के जयस्तंभ पर सत्य के प्रतीक श्वेत ध्वज की स्थापना किया गया जिसे सतनामी संस्कृति में पालो चढ़ाना कहा जाता हैं।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षादूत राजेन्द्र मारकण्डे ने किया।
इस अवसर पर तहसील सतनामी समाज पाटन के संरक्षक शीतकरण महिलवार, अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लोकनाथ सोनवानी, पूर्व सरपंच सीता राम ठाकुर, बृजनंदन देवांगन, ग्राम विकास समिति असोगा के अध्यक्ष सुखराम जांगड़े, कोषाध्यक्ष भारत साहू, रमेश साहू, हरिनारायण टंडन अध्यक्ष ग्रामीण सतनामी समाज असोगा,भंडारी इन्द्र कुमार बंजारे, धनाराम टंडन,पूर्व भंडारी शशी महिलवार,जोहन जोशी,चैनू जोशी,साटीदार छोटा चतुर्वेदी, वरिष्ठ पंचगण कलीराम टंडन,रामा साहू, भूषण साहू, धनेश्वरी कुर्रे, तुलसी सिरमौर, फूलबासन टंडन, राजकुमार मारकण्डे,भोजराम महिलवार,मूशन धृतलहरे, जीवन धृतलहरे, जयप्रकाश गायकवाड, टुम्मन जोशी, विष्णु प्रसाद, लेखराम महिलवार,नेतराम टंडन,नरेश खुटेल, मीना महिलवार,शैलेन्द्री सोनवानी,मानेश्वरी महिलवार,उमा धृतलहरे,उमा जोशी, उर्मिला मारकण्डे सहित ग्राम असोगा सहित आसपास गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

