, * * । नवापारा राजिम, 4 मार्च, ….. महान पर्व महाशिवरात्रि परमात्मा के इस धरा पर महान कर्म व गीता ज्ञान द्वारा आसुरी संस्कार का परिवर्तन कर देवी संस्कार बनाने की याद में मनाया जाता। प्रतिवर्ष यह पर्व मनाया जाता रहा है लेकिन मनाने वालो के साथ कहीं ऐसा ना हो जाए कि भगवान शिव इस धरा पर इस कर्त्तव्य हेतू आ कर अपना दिव्य कर्म करके चला भी जाए और हम रात्रि जागरण करते-करते कहीं अज्ञान निद्रा में सोते ही न रह जाए ।हमारी बुद्धिमता सीमित जानकारियों तक सीमित है। हम अल्पज्ञ है। भले ही हमें अनेका अनेक धर्म शास्त्रों, ग्रंथ, गुरुओं द्वारा नई-नई जानकारियों मिलती रहती है लेकिन वह संपूर्ण सत्य नहीं है। हर एक आत्मा अपने मानसिक पवित्रता मनोस्थिति अनुसार बातें बताते हैं इसिलए अंतिम सत्य भी बता नहीं पाते। यही कारण कि मानव मन की मतों से अलग-अलग संप्रदाय बने। एक सत्य मत नई बन पाई ।इसलिए परमात्मा को कहते हैं हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो, अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। परमात्मा शिव वर्तमान समय आकर सही ज्ञान की जागृति कराते हैं वह सत्य पहलू है आत्मा, परमात्मा ,सृष्टि चक्र, प्रकति पुरुष, सुख-दुख ,धर्म-अधर्म आदि। इनका सही ज्ञान स्वयं भगवान हमें आकर दे रहा है। इनकी जाग्रति हमारे पास होनी चाहिए ।सदा यह याद करे तो सही कर्म करके सदा के लिए सुख शांति प्राप्त कर सकेंगे। वह स्वयं आकर अपने शब्दों में सर्व आत्माओं को कह रहे हैं तुम देह नहीं आत्मा हो, मैं ज्योति बिंदु स्वरुप तुम आत्माओं का पिता हूं। मैं इस सृष्टि पर अवतरित हुआ हूं । अब जा स्वयं जागृत होकर सुखमय सृष्टि का का जन्म सिद्ध अधिकार प्राप्त करो। श्रेष्ठ ज्ञान का सूचक है, हमारी मन में हल्कापन, खुशी, निर्मलता, पवित्रता आनंद का झरना मन में बहता रहे। लेकिन भक्ति व कर्मकांड में इतना उलझ गए हैं कि आखिर सत्य क्या है यह भी भूल गए। इसलिए ज्ञान के तीसरे नेत्र को खोलकर स्वयं को देखने, समझने, अनुभव करने का यह महाशिवरात्रि पर्व हमें याद दिलाता है। यह विचार इंदौर से पधारे धार्मिक पप्रभाग के जोनल संयोजक ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने ओम शांति कालोनी के ब्रह्मा कुमारी सभागृह में महाशिवरात्रि पर्व पर शिवराज ध्वजारोहण कार्यक्रम में बडी संख्या में नगर वासियों को संबोधित करते हुये बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग मोर्चा भाजपा के उपाध्यक्ष, महासमुंद्र के पूर्व सांसद चंदूलाल साहू ने कहा हमें औरो की सेवा करने से जो ख़ुशी संतोष मिलता है और किसी से भी मिल नहीं सकता है ।ब्रहमा कुमारी में सेवा को प्रमुखता दी गई है वसुदेव कुटुंबकम इस भावना से सारे विश्व में निस्वार्थ भाव से यहां के भाई बहन सेवा कर रहे हैं। शिव अवतरण का संदेश जन जन को दे रहे हैं यही मानव कर्तव्य है। जो प्रसंसनीय है। ब्रह्मा कुमारी पुष्पा बहन ने कहा कि शिव परमात्मा का अवतरण दिन सबसे बडा दिन माना गया है। धरती वासियों की सर्व समस्या से दुख, अशांति का निवारण गीता ज्ञान से मिल जाता है इसीलिए सर्व विश्व की आत्माये उसको याद करती है। गलत स्मृतियों के कारण हमारा जीवन गलत हो जाता है पूरा संसार का खेल गलत बन गया। स्मृति ही सर्वश्रेष्ठ संपत्ति है जिस को अपनाने से सुख मिलता है ।स्टेज पर बेठे सभी अतिथियों ने शिव की प्रतिमा पर पुष्पा अर्पित किए। केक काटा गया। इसके पश्चात झंडा रोहण भ्राता चंदूलाल जी, ब्रह्मा कुमार नारायण भाई, पुष्पा बहन व सभी भाई बहनों ने मिलकर किया।ब्रह्मा कुमारी प्रिया बहन ने झंडे के नीचे सभी को प्रतिज्ञा कराई।

