खबर का असर:नर्सिंग होम एक्ट के सारे नियमो को ताक में रखकर संचालित हो रहे सिटी हॉस्पिटल को विभाग ने किया सील,कुंभकर्णी निद्रा से जागे विभाग के जिम्मेदार अधिकारी

परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद

गरियाबंद जिला मुख्यालय के अंदर संचालित सिटी हॉस्पिटल को आखिरकार स्वास्थ विभाग ने सील कर दिया।बता दे की सिटी हॉस्पिटल कई वर्षो से बिना विभागीय परमिशन और नर्सिंग होम एक्ट के तहत संचालित हो रहा था जिसे आज स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्यवाही की है।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय में संचालित हो रहे सिटी हॉस्पिटल पर नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए सील कर दिया गया है।उक्त अस्पताल कई सालो से बिना विभागीय पंजीयन के खुलेआम संचालित हो रहा रहा।जिसको लेकर न्यूज 24 ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशन कर विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया था। जिसके बाद आज जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को अस्पताल में एक भी चिकित्सक नहीं मिले। वहीं दो मरीज मौके पर मिले, जो कि उपचार हेतु भर्ती किए गए थे। इसके अलावा अवैध रूप से संचालित पैथालॉजी लैब भी सील किए गए हैं।

मामले में दिलचस्प बात बता दे की सिटी हॉस्पिटल कई सालो से संचालित हो रहा था जिसे आज तक किसी भी प्रकार से परमिशन नही मिल पाया था।जब इस मामले को लेकर उक्त हॉस्पिटल के संचालक से सवाल किया गया था उन्होंने कहा था की मेरा सभी दस्तावेज सही है और विभाग को जमा कर चुका हु,अगर आप लोग खबर छापेंगे तो मेरे लिए फायदेमंद है।जिस पर आज स्वास्थ विभाग की टीम ने कार्यवाही किया।लेकिन सवाल ये है जिला मुख्यालय के अंदर कई सालो से नियम विरूद्ध संचालित हॉस्पिटल में विभाग ने कुंभकर्णी निद्रा से जाकर आज कार्यवाही किया।जो विभाग की कार्यशैली को साफ दर्शा रहा है।लेकिन देर सबेर कार्यवाही तो जरूर हुई ।उसके बावजूद विभाग सवालों के घेरे में है।जो चर्चा का मुख्य विषय लोगो में बना हुआ है।

आज के इस कार्यवाही में टीम में डॉ. हरीश चौहान, डॉ. गजेंद्र ध्रुव एवं पुलिस स्टाफ शामिल थे। अब देखना ये होगा की विभाग अवैध हॉस्पिटल ,क्लीनिक और पैथालाजी पर कितना गंभीर है जो आने वाला वक्त ही बता पायेगा।

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