श्री बालाजी कल्याण मंदिर में पिछले आठ दिनों से चल रहे ब्रह्मोत्सव का हुआ समापन

रिपोर्टर- जिज्ञासा देवांगन

किरन्दुल/दन्तेवाडा। किरन्दुल मे श्री बालाजी कल्याण मंदिर में पिछले आठ दिनों से चल रहे ब्रह्मोत्सव का समापन बुधवार की शाम चक्र स्नानम और अन्नदानम (भंडारा) के साथ हुआ, महोत्सव के अंतिम दिन सुबह पांच बजे सुप्रभात सेवा, छह बजे पूजा-अर्चना के बाद हवन किया गया। हवन में आहुति देने के लिए दक्षिण भारतीय समाज यानी तेलुगु समाज के सैकड़ों सदस्य परिवार समेत पहुंचे। संपूर्ण महोत्सव के दौरान विशाखापटनम के मूल मंदिर से आए पंडितों ने दक्षिण भारतीय शैली में मंत्रोच्चार करके पूजा संपन्न करवाई।
आंध्रा एसोसिएशन के अध्यक्ष गणपत नायडू एवं सचिव गोविंद राजन ने बताया कि प्रतिदिन विविध पूजा-अर्चना, महाआरती के बाद शाम को भगवान बालाजी की पालकी निकाली गई। मंदिर की मान्यता के अनुसार भगवान बालाजी, उनकी पत्नी भू देवी और श्रीदेवी को अलग-अलग वाहनों में विराजित कर नगर भ्रमण कराने की परंपरा है। इस परंपरा का निर्वाह करते हुए अलग-अलग दिन भगवान को विविध वाहनों में विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। पालकी का भक्तों ने जगह-जगह स्वागत किया।

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