हमे सदैव अपनी मातृ भाषा पर गर्व करना चाहिए—नीलिमा गजपाल
दुर्ग— 21 फरवरी 2022 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनोरा दुर्ग में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य श्रीमती नीलिमा गजपाल ने समस्त शाला परिवार को इस दिवस की बधाई देते हुए इस बात की प्रेरणा दी कि हमें सदैव अपनी मातृ भाषा पर गर्व करना चाहिए। शाला की वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती सर्जना त्रिपाठी ने मातृभाषा के महत्व एवं उसके मूल्यों पर प्रकाश डाला। श्रीमती चित्र रेखा ठाकुर के द्वारा मातृभाषा दिवस के आरंभ होने की ऐतिहासिक जानकारी दी गई।विद्यालय के विभिन्न प्रांतों के एवं विभिन्न भाषाई शिक्षकों ने अपनी अपनी मातृ भाषा में प्रस्तुतियां दी। छत्तीसगढ़ी भाषा में सुंदर गीतों की प्रस्तुति श्रीमती श्वेता सिंह, डॉक्टर श्रीमती विभावरी केशरी, श्रीमती नारायणी सिन्हा, श्रीमती अपर्णा तिवारी , श्रीमती सारिका सोनी, लोकेंद्र देशमुख एवं देवेंद्र साहू के द्वारा दी गई। साथ ही इन शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ी भाषा के शब्दों के गठन एवम उत्पत्ति पर अत्यंत मूल्यवान जानकारी दी । मराठी भाषा के संबंध में श्री विनोद बांगडे जी ने अपनी अभिव्यक्ति दी एवम भाषा संबंधी अपने अनुभव सांझा किए। श्रीमती अलका आगलवे ने बस्तर का सुमधुर गीत सुनाया। बंगाली भाषा के सौंदर्य के बारे में बताते हुए सुश्री इंद्राणी बोस एवं श्रीमती सोमा सरकार ने बंगाली भाषा में ही विद्यालय परिवार के लिए शुभकामनाएं प्रगट की। डॉ सरिता श्रीवास्तव द्वारा आत्मकथात्मक शैली में हिन्दी भाषा के ऊपर कविता सुनाई गई। कार्यक्रम के इसी क्रम में देवेन्द्र निषाद धनोरा संकुल समन्वयक ,कुमारी प्रीति ताम्रकार एवं कुमारी सरस्वती बंजारे ने इस कार्यक्रम की उपयोगिता की चर्चा की। शाला में यह कार्यक्रम अत्यंत सादगी पूर्ण एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सरिता श्रीवास्तव के द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन श्विनोद बागडे के द्वारा किया गया।
