विद्युत विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा, विभाग की मेहरबानी और मिलीभगत से चल रहा है अवैध कलेक्शन का खेल…कौंदकेरा सब डिवीजन ने घोघरा में सरकारी जमीन पर स्थित ट्यूबवेल को नियम विरूद्ध अस्थाई कनेक्शन देकर किसानो से वसूला मोटी रकम

परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद

जिले में बिजली विभाग की मेहरबानी और मिलीभगत से अवैध बिजली कनेक्शन का खेल खूब चल रहा है। ऐसे में विकासखंड फिंगेश्वर के कनिष्ठ यंत्री कार्यालय कौंदकेरा कैसे पीछे रह सकता है।कार्यालय कनिष्ठ यंत्री छत्तीसगढ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित कौंदकेरा लापरवाही और कनेक्शन देने के नाम पर फर्जीवाड़ा का गढ बन गया है। जो सारे नियम कायदा,कानून को ताक में रखकर अवैध कनेक्शन बांट रहे है।जो इस सब डिविजन के अंतर्गत देखने को मिला।जहा ग्राम घोघरा में सरकारी जमीन पर ट्यूबवेल खुदवाकर अवैध रूप से बिजली कनेक्शन लेकर कुछ किसानो द्वारा रबी और खरीफ की फसल सालो से ले रहे है।जिसमे बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की साठ गांठ से यह बिजली चोरी का मामला कई सालो से चल रहा है।इसी तरह और मामलो की बात करे तो गनियारी जलाशय से लगे नाला में दो सम्मार्सिबल पंप लगाकर लगभग 20 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में धान की फसल लिया जा रहा है।जिसके लिए विभाग द्वारा बकायदा अस्थाई कनेक्शन दिया गया है और टीसी कनेक्शन के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि विभाग के ज़िम्मेदारो द्वारा वसूल किया गया है।इस मामले को लेकर न्यूज 24 कैरेट ने पड़ताल किया तो विद्युत विभाग का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जंहा नियमो के विपरित कनेक्शन देकर विभाग सारे नियमो की धज्जियां उड़ा रहा है।

जमीन का दस्तावेज दूसरे जगह का और कनेक्शन सरकारी जमीन स्थित ट्यूबवेल को दिया

आपको बता दे की किसी भी ट्यूबवेल के टीसी कनेक्शन के लिए संबंधित जमीन का भूस्वामित्व ,नक्शा,खसरा के साथ अन्य जरूरी दस्तावेज समिल्लित किया जाता है।जिसके बाद विभाग द्वारा सर्वे के पश्चात ही कनेक्शन की स्वीकृति दी जाती है।जबकि सरकारी जमीन में इस तरह किसी भी प्रकार से व्यक्तिगत कनेक्शन देने का प्रावधान नही है ।उसके बावजूद भी ग्राम घोघरा में सरकारी जमीन पर स्थित दो ट्यूबवेल को किसी अन्य जगह के दस्तावेज से टीसी कनेक्शन बिजली विभाग के लापरवाह और जिम्मेदार अधिकारी द्वारा देकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है।इतना ही नहीं टीसी कनेक्शन के नाम पर किसानो से मनमानी राशि भी वसूल किया है।जिसमे इस पूरे फर्जीवाड़ा में संबंधित विद्युत कार्यालय अधिकारी के आलावा फिंगेश्वर विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मचारी त्रिलोक साहू द्वारा मास्टरमाइंड काम किया गया है।जिसके द्वारा इस पूरे अवैध कनेक्शन को अपनी देखरेख में बढ़ावा दे रहे है और विभाग में कार्यरत ये कर्मचारी खुद अवैध कनेक्शन लेकर गनयारी डेम के नाला में सममर्सिबल पंप लगाकर फसल बुवाई किए है।विभाग की लापरवाही इस कदर की एक तरफ नियम विरूद्ध बिजली कनेक्शन दिया गया है तो दूसरी ओर इन जगहों से मीटर भी गायब है।विभाग द्वारा किसी भी तरह मीटर इन ट्यूबवेलो के लिए नही लगाया गया है।इस तरीके से अवैध कनेक्शन के चलते आम नागरिकों की जेब ढीली हो रही है क्योंकि अवैध कनेक्शन से होने वाले विद्युत खपत को ग्रामीणों को भोगना पड़ता है और विभाग मेंटेनेंस करने आम जनता के बिजली बिल में इजाफा करते है जो इस तरह का मामला आए दिन देखने को मिलता है।वही इस पूरे मामले विद्युत विभाग के कर्मचारी गोल मोल जवाब देते हुए सवालों से बचते नजर आए और कहा की जेई ठाकुर से बात कर लो।

विद्युत विभाग द्वारा एक बड़ी अनियमितता कर शासन को चुना लगाने में लगे है।वही विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के सरंक्षण में अवैध कनेक्शन का कारोबार चल रहा है।जिसमे अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।हालांकि विभाग के यह अधिकारी दलालों की बात कर रहे है पर ये दलाल क्या विभाग के है ? या फिर बाहरी व्यक्ति? बहरहाल ऐसे मामलों में घूम फिरकर अन्नदाता व कर्णधार किसानो को ही परेशानी होती है।जिससे अधिकारी,कर्मचारियों को कोई सरोकार नहीं है।विद्युत विभाग में कई ऐसे मामले है जिसका जल्द ही और बड़ा खुलासा किया जायेगा और जिम्मेदारों की करतूतों प्रदा उठेगा।

वर्जन

आप बता रहे हो वो सब अवैध है।मेरी जानकारी में नही है सरकारी जमीन में दिए है बोल रहे हो।उपभोक्ता जैसे हमारे पास लाया,उसके हिसाब से दिया गया है।परमानेंट नही हुआ है तो कनेक्शन अवैध होंगे।टीसी लिया है की नही चेक करवा देता हु।मेरे द्वारा अधिक पैसा नही लिया गया है ,मै तो बता रहा हु।आज के डेट में दलाल सक्रिय है।विद्युत विभाग के आलावा दलाल क्यों काम कर रहा है।किसान हो या उपभोक्ता सीधा ऑफिस क्यों नहीं आ सकता।कल बनाते है उनका पंचनामा और 100% कार्यवाही होगी।

लोकेश ठाकुर ,जेई , कनिष्ठ यंत्री कार्यालय कौंदकेरा

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