सतीश पारख उतई,,,,
उतई, अंडा और बोरसी के बीच के आधा दर्जन गांव में सड़क चौड़ीकरण की आड़ में लोक निर्माण विभाग द्वारा बिना मुआवजा सैकड़ों ग्रामीणों के प्रचलित आबादी क्षेत्र के कब्जों में अवैधानिक तोड़फोड़ करने के खिलाफ छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के नेतृत्व में प्रभावित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर पिछले एक माह से संघर्ष का मोर्चा खोल दिया है।
हिंसक झड़प और बलवे की आशंका को देखते हुए मंच ने पाऊवारा का प्रदर्शन स्थगित किया
मुआवजे की मांग को लेकर अंडा और उतई में प्रदर्शन करने के बाद मंच ने आज लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह ग्राम पाऊवारा में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, मंत्री और उनके समर्थकों ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था, मंत्री समर्थक कुछ गुंडे प्रदर्शनकारियों पर हमले करके बलवा करने की मंशा से तैयारियां की हुई थी, गांव में प्रदर्शन न होने देने के लिये पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था, बलवा कराके प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को ही फर्जी प्रकरण में फंसाने की योजना बनाई गई थी
इसकी भनक लग जाने से गांव में हिंसा की स्थिति को टरकाने के लिये मंच नें पाऊवारा में घोषित आज के प्रदर्शन को स्थगित करने का निर्णय लिया इससे मंत्री समर्थकों और पुलिस प्रशासन की योजना धरी रह गई।
बैठक लेकर मुआवजा मिलते तक संघर्ष जारी रखने का लिया फैसला
प्रदर्शन में शामिल होने के लिये अनेक गांव के प्रभावित ग्रामीण पाऊवारा पहुंच गये थे इन्हें पड़ोस के गांव बोरीगारका बुला लिया गया वहीं प्रभावित ग्रामीणों की बैठक हुई, बैठक में मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया, ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री ताम्रध्वज साहू मुआवजे की मांग करने पर धमकी देते हैं कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य बंद करा देंगे मगर मुआवजा नहीं देंगे।
आज की बैठक में मंच के अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त, प्रदेश महासचिव पूरनलाल साहू, दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष ढालेश साहू, भिलाई जिला अध्यक्ष धीरज टंडन, किसान नेता उत्तम चंद्राकर के अलावा छन्नू गजपाल,सतीश पारख, यशवंत, देवकरण, राजू साहू, ईश्वरी सपहा, लुमेश्वर गजपाल, मुकेश साहू, भूपेंद्र कुमार, डालेश्वर साहू, भगवती, रमेशर साहू, भीखमलाल कौशिक, तिलक गजपाल, खेदिन विश्वकर्मा, कृतिका, मिथिलेश, शशी ठाकुर, ममता, लीला, गनेशिया, तुलेश्वरी, बंदा बाई,कुसुमलता आदि ग्रामीण शामिल थे ।


