उतई(सतीश पारख)..कोरोना संक्रमण की घटती दर को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक शैक्षणिक आदि गतिविधियों में पूर्व में लगाये गये प्रतिबंधों पर ढील प्रदान किया है लेकिन धरना, जुलूस, रैली, सभा, प्रदर्शन आदि राजनीतिक गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध यथावत रखा गया है
कलेक्टर के इस आदेश पर छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे शासन प्रशासन का भेदभाव पूर्ण कार्यवाही निरूपित करते हुए कहा है यह अजीब है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति से सैकड़ों की भीड़ जुटने से कोराना के संक्रमण का खतरा नहीं है किंतु 25-50 की संख्या में धरना प्रदर्शन आयोजित करने से संक्रमण फैलने का खतरा है, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने शासन प्रशासन को आगाह किया है कि वह विरोध प्रदर्शन करने के संविधान प्रदत्त अधिकारों का दमन करने के लिये महामारीऔर आपदा प्रबंधन अधिनियमों का दुरूपयोग न करे अन्यथा धरना पर प्रतिबंध के खिलाफ ही धरना देने विवश होना पड़ सकता है,
छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के प्रतिनिधि मंडल ने आज अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू को कलेक्टर के नाम ग्यापन देकर राजनैतिक और ट्रेडयूनियन गतिविधियों धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, सभा आदि पर लगाये गये प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग किया है मंच के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त, पूरनलाल साहू, धीरज टंडन, अरूण सार्वा आदि शामिल थे ।
पेंडेमिक एक्ट की आड़ में विरोध करने के संवैधानिक अधिकार का दमन न करे,,,छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने कलेक्टर से धरना, जुलूस, रैली आदि राजनैतिक गतिविधियों से प्रतिबंध हटाने की मांग किया
