पोंड धान खरीदी केंद्र के जिम्मेदारो की बड़ी लापरवाही उजागर, तहसील न्यायालय के आदेश को दिखाया खुलेआम ठेंगा,निर्देश के बाद भी खरीद लिया पूरा धान

परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद

धान खरीदी प्रारंभ होने के पहले आदिवासी विकासखंड छुरा के ग्राम पोंड निवासी पदमा साहू पति ओमकार साहू ने तहसील कार्यालय छुरा में जाकर नायब तहसीलदार कुसुम प्रधान को आवेदन दिया था ।जिसमे उन्होंने ग्राम आसरा पटवारी हल्का नंबर 20 के खसरा नंबर 291,344,347 और पोंड के खसरा नंबर 867 रकबा 0.31 हेक्टेयर जो की संयुक्त खाता अंगद राम, पदमा साहू,सोनकुंवर,द्रोपति, नंदनी तथा तमिन के नाम से है।जिस पर पदमा साहू ने अपने भाई अंगद राम के ऊपर कई वर्षो से मनमानी पूर्वक धान बिक्री का आरोप लगाते हुए अंगद द्वारा बोनस व बिक्री से संबंधित अन्य लाभ सहकारी समिति के फड़ प्रभारी और आपरेटर के साथ मिलीभगत कर रख लेता है।जिससे पदमा बाई वंचित हो जाती है और उन्हें कोई लाभ नहीं पाता।जिसको लेकर तहसील कार्यालय को 25 नवंबर 2021 को लिखित में आपत्ति के लिए आवेदन किया गया था।ताकि संयुक्त खाते में पीड़ित महिला का भाई अंगद राम धान बिक्री न कर सके।जिसको लेकर नायब तहसीलदार कुसुम प्रधान द्वारा पोंड समिति प्रबंधक को आदेश किया की अंगद राम को कुल 3.62 के अंदर ही धान बेच सकता है और अन्य जमीनों पर जिसके नाम से संयुक्त खाता है उनको धान बिक्री करने का अधिकार है।लेकिन न्यायालय के आदेश को दरकिनार करते हुए समिति प्रबंधक और आपरेटर भरत सेन ने आदेश को पालन करना जरूरी नहीं समझा और किसान अंगद राम साहू को लाभ पहुंचाने की नियत से उसकी धान पूरा खरीदी कर लिए और पीड़ित महिला को आपस में समझौता करने का सलाह देने में लगा है।ये इस तरह का पहला मामला नहीं है जब पोंड सोसायटी में इस तरह का गड़बड़ी और लापरवाही देखी गई हो।समिति प्रबंधक और आपरेटर द्वारा अंगद साहू के साथ मिलीभगत कर तहसील न्यायालय छुरा की आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा दिया।इस मामले को लेकर आवेदिका पदमा साहू ने कहा की पोंड धान खरीदी के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी हम जैसे पढ़े लिखे लोगो के साथ इस तरह का अनियमितता पूर्वक कार्य कर रहा है तो कम पढ़े लिखे लोग जो किसान है उनके साथ किस तरह की लापरवाही बरतती होगी इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है।उन्होंने अपनी व्यथा बताते हुए धान खरीदी केंद्र पोंड के लापरवाहों के विरुद्ध जांच कर न्याय दिलाने और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है।
इस पूरे मामले को लेकर छुरा तहसील के नायब तहसीलदार कुसुम प्रधान को उनका पक्ष जानने उनके मोबाइल पर फोन किया गया लेकिन उनका नंबर नेटवर्क क्षेत्र से बाहर आया तथा मामले की जानकारी उनके व्हाटशॉप पर डाला गया लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

वर्जन 1.
आपरेटर भरत सेन ने मुझे इसके बारे में कुछ भी नही बताया था।जब किसान यहा आए तब पता चला।मुझे कुछ जानकारी नहीं है।

हरिशंकर निर्मलकर,समिति प्रबंधक पोंड

वर्जन 2

पदमा साहू द्वारा मुझे तहसीलदार का आदेश की कापी दिए थे।बीच में मुझे याद ही नहीं आया, मै भूल गया।जिसके वजह से गलती हुआ है।समझौता के लिए पदमा के भाई अंगद तैयार है।

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