स्वास्थ विभाग की सह पर हो रहा है सैकड़ों अवैध क्लीनिक, पैथालाजी लैब और निजी हॉस्पिटल का संचालन,जिनको अवैध कार्य रोकने की जिम्मेदारी वही नोडल अधिकारी नियम विरूद्ध खुद का हॉस्पिटल चलाने में है मस्त

  • जिला स्वास्थ अधिकारी का बेतुका बयान,आखिर कौन लगाएगा अब अवैध काम पर लगाम

परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद

गरियाबंद। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा बदहाल है।प्रदेश सरकार के द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधा में लाखों करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध क्लिनिक व झोलाछाप डाक्टर अवैध क्लिनिक संचालित कर मरीजो के जान जोखिम में डाल रहे है। जिला प्रशासन के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अवैध क्लिनिक व झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही करने जिला स्तर में टीम गठित कर नर्सिंग एक्ट के तहत कार्यवाही किये जाने डॉ अमन हुमने को नोडल अधिकारी नियुक्त कर कार्यवाही किये जाने अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।बावजूद जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा अंचल में संचालित अवैध क्लिनिक में कार्यवाही करने के बजाय स्वय अपने निवास में क्लिनिक संचालित करते पाए गए।यही नही बकायदा मौके पर निवास स्थान में मरीजो को भर्ती कर उपचार करने सभी साधन व पर्याप्त कमरे उपलब्ध की गई है।
मामले की पड़ताल कर जानकारी लिए जाने पर डॉक्टर अमन हुमने कैमरे से बचते नजर आए।वही जिला चिकित्सा अधिकारी एम आर नवरत्न से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि हमारे स्वास्थ्य विभाग के किसी भी कर्मचारी द्वारा प्रायवेट प्रेक्टिस नही की जा रही है।वही उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी के बाद वो प्रक्टिस कर सकते है।तो वही जिम्मेदार पद पर पदस्थ जिला स्वास्थ अधिकारी डॉक्टर एम आर नवरत्न ने बेतुका बयान देते हुए कहा की जिले में एक भी झोलाछाप डॉक्टर और अवैध क्लीनिक नही है।मरीज जान बूझकर झोलाछाप डॉक्टर के पास जा रहे है तो आप लोगो भी कोई चिंता नहीं करनी चाहिए।जिस तरह से जिम्मेदार अधिकारी द्वारा गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया गया उससे तो साफ है की स्वास्थ विभाग किसी मरीज के जान जाने और बड़ी घटना का इंतजार कर रहे है।ये अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति तनिक भी गंभीर नहीं है। मीडिया के सवालों से साहब गुस्से में आते हुए यह भी कह डाले की तुम लोगो को जो पूछना है जल्दी पूछो और जाओ।अब बड़ा सवाल ये है की इन लापरवाहो को इतनी सारी सुविधा और भारी भरकम वेतन किस लिए देता है।

अंगद की तरह पैर जमाए है नोडल अधिकारी

गरियाबंद जिले में स्वास्थ विभाग में नोडल अधिकारी के जिम्मेदार पद पर पदस्थ डॉक्टर ए.के. हुमने सहित कई ऐसे अधिकारी है जो अंगद की तरह एक ही जगह पैर जमाए हुए है। जिससे कार्यालय में अव्यवस्था फैली हुई है वहीं कार्यालय और शासन के महत्वपूर्ण संबंधित काम प्रभावित हो रहा है जिससे लोग प्रभावित हो रहे हैं ।कुछ ऐसा ही ये अधिकारी स्वास्थ विभाग में करीब 15 वर्षों से अधिक समय तक ही एक जगह पर पदस्थ है और काम को भी प्रभावित कर रहे है। कार्यालय में अव्यवस्था ना फैले जिसके लिए स्थानांतरण प्रक्रिया अपनाई जाती है। प्रशासनिक अधिकारियों को 1 जिले में 3 साल तक रखने के बाद उनका स्थानांतरण अनियंत्रित कर दिया जाता है पर गरियाबंद जिले में कुछ ऐसे भी अधिकारी है जो सफेद पेशो की मेहरबानी व अधिकारियों के मेहरबानियो पर अपने तय सीमा से अधिक जमे है। राजनीतिक नेताओं और उच्च अधिकारियों से अच्छी पकड़ होने के चलते इनका आज तक तबादला नहीं हो पाया।जिसके वजह से ये अधिकारी अपने कर्तव्यों के विपरित कार्य करने से भी बाज नहीं आ रहे है।जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अवैध कार्यों को रोकने के बजाय सरंक्षण देने में लगे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *