लोकेश्वर सिन्हा
गरियबन्द —छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष ओ पी शर्मा एवं प्रांतीय सचिव विशांत नायर के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में जिला शाखा गरियाबंद के स्वास्थ्य कर्मचारी के द्वारा अपने आत्मसम्मान एवं अधिकारों के लिए संगठित होते हुए एकता दिवस मनाया गया। सुरेश पैकरा (कर्मचारी नेता) के द्वारा बताया गया कि प्रायः देखा गया है कि अधिकांश हॉस्पिटल में अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों का शोषण कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाते हुए उनके अधिकारों से वंचित रख या गलत तरीके से प्रयोग कर कर्मचारियों पर गलत कार्यवाही करते हुए उनको गलत तरीके से दोषी ठहराया जाता है और जब अधिकारी के गलत होने की बात आती है तब उस अधिकारी पर कोई कार्यवाही ना करते हुए समझौता कर लिया जाता है। इस स्थिति में कर्मचारी चाह के भी कुछ नहीं कर पाता है और अकेला महसूस करने लगता है तब संगठन उस कर्मचारी का साथ देता है और संगठन कर्मचारियों के एकजूटता से चलता है।
इसी एकजुटता को दिखाने स्वास्थ्य कर्मचारीयो ने संघ के प्रति संगठित होने का परिचय दिया है। इस प्रकार का पहल छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य कर्मचारीयो के लिए पहला आगाज है। हमारे इस पहल को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों तक पहुंचाने का प्रयास है। इससे यह होगा कि किसी भी जिले के स्वस्थ्य कर्मचारी के अधिकारों के हनन होने एवं उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने पर समस्त स्वस्थ्य कर्मचारी उनका समर्थन करेंगे। कोरोना काल में भी स्वस्थ्य कर्मचारी के द्वारा कोरोना वॉरियर के रूप में सीमित मानव संसाधन में सेवा दिया गया लेकिन बहुत से जगहों में कोरोना वॉरियर्स स्टॉफ नर्स, एम एल टी, चतुर्थ वर्ग को शोषित होते एवं उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाते व उनके अधिकारों का हनन होते हुए भी देखा गया है। इसलिए इन सभी को देखते हुए सभी स्वास्थ्य कर्मचारीयो ने अपने अधिकार के लिए संगठित होते हुए एक साथ एक मंच पर आवाज दिया है।
