बसंत पंचमी के अवसर पर शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में, माताओं ने नौनिहालों से स्लेट पट्टी पर लिखवाया वर्णमाला

✍🏻 रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद सरस्वती शिशु मंदिर में बसंत पंचमी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में यज्ञ हवन कर विधा की देवी मां सरस्वती का पूजन किया गया। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर ( शिशु वाटिका ) में नव प्रवेशी शिशुओं का “शिक्षा आरम्भ संस्कार”का कार्यक्रम गरियाबंद की मातृ शक्ति एवं उनके पाल्य शिशुओं की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर वेद मन्त्रोच्चार के साथ यज्ञ कुंड में आहुति पण्डित नरेंद्र तिवारी के मार्ग दर्शन में सम्पन्न की गई। कार्यक्रम में समस्त आचार्य/दीदी- भैय्या, समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में मातायें अपने शिशुओं के साथ उपस्थित रही।

सरस्वती शिशु मंदिर के व्यवस्थापक जी॰डी॰ उपासने ने कहा
देवी मां सरस्वती का पूजन किया गया। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर ( शिशु वाटिका ) में नव प्रवेशी शिशुओं का “शिक्षा आरम्भ संस्कार का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया श्री उपासने ने कहा की इस दिन मां सरस्वती जी प्रकट हुई थीं, इसलिए इस दिन सरस्वती जी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। कहते हैं इस दिन किसी नई विद्या को सीखना भी शुरू किया जाता है। यह तो सभी जानते हैं कि विद्या से बढ़कर कोई धन नहीं हैं। यह भी कहा जाता है कि जिस पर मां सरस्वती की कृपा होती है, उस पर मां लक्ष्मी भी अपनी कृपा बरसाती हैं।
बुद्धि और विद्या के बिना धन का सही इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, इसलिए महालक्ष्मी और महा सरस्वती की पूजा एक साथ की जाती है। ग्रहों की योग देखें तो इस दिन बुध, गुरु, शुक्र व शनि चार ग्रह शनि की राशि मकर में चतुष्ग्रही योग बना रहे हैं। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की हुई आराधना
बसंत पंचमी का महत्व:
इस पर्व का महत्व हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा है। यह बसंत मौसम की शुरुआत का सूचक है। इस पूरे दिन अबूझ मुहूर्त रहेगा। अगर किसी व्यक्ति की शादी का मुहूर्त नहीं निकल रहा होता है तो इस दिन वो लोग शादी कर सकते हैं। इस दिन से किसी भी नए काम की शुरुआत की जा सकती है। इस दिन कई लोग अपने छोटे बच्चों को पहली बार किताब और कलम पकड़ने का भी विधान है। इस बार बसंत पंचमी के दिन रवि योग और अमृत सिद्धि योग का खास संयोग बन रहा है। इस दिन रवि योग रहने से बसंत पंचमी का महत्व और भी ज्यादा हो गया है। ऐसा भी कहा जाता है कि अगर बच्चे को शिक्षा में किसी भी तरह की बाधा आती है तो इस दिन विशेष पूजा कर उसे ठीक किया जा सकता है। की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसको ठीक किया जा सकता है।

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