कबीरधाम में महिला बाल विकास विभाग के लिए गले की फांस बना रेडी टू ईट फूड निर्माण व वितरण योजना

भुवन पटेल@कवर्धा।महिला बाल विकास विभाग के लिए गले ही हड्डी बनी रेडी टू ईट फूड योजना । छत्तीसगढ़ में रेडी टू ईट फूड निर्माण व वितरण का कार्य महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से किया जाता है । नई व्यवस्था में समूह के महिलाओं से यह समाप्त कर बीज निगम के द्वारा कराने का निर्णय सरकार के द्वारा किया जा रहा है । यह व्यवस्था फरवरी माह से शुरु होने वाला था लेकिन पुनः अब अप्रैल से शुरुआत होने का नया फरमान आ गया जिसमें उक्त कार्य मे लगे महिलाओं के मन मे नया जिज्ञासा आ गया वही कार्य समाप्त होने के कारण महिला स्व सहायता समूहों के महिलाओं में उक्त कार्य को लेकर कोई रुचि नही दिखाई दे रहा है जिसका बड़ा जिम्मेदार विभाग ही है ।

निर्माण को लेकर महिलाओं का मोहभंग

पूरक पोषण आहार योजनांतर्गत रेडी टू ईट फूड निर्माण व वितरण को लेकर महिला स्व सहायता समूहों के महिलाओं के मोह भंग हो चुके हैं । जिसके जिम्मेदार कही न कही विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर मलाई खाने वाले उच्चाधिकारियों ही जिम्मेदार है । समूहों से यह कार्य बन्द होने के कारण व मलाई नही मिलने को लेकर सभी के चेहरे में मायूसी दिखने लगी है ।

अबतक मिक्सिंग नही

कबीरधाम जिला में 63 सेक्टर है जहां पर लगभग 50 महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा पूरक पोषण आहार योजनांतर्गत रेडी टू ईट फूड बनाने का कार्य किया जाता हैं और माह के प्रथम व तृतीय मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं के माध्यम से हितग्राहियों को वितरित किया जाता है । रेडी टू ईट फूड निर्माण के लिए आवश्यक तैयारी समूह के महिलाओं के द्वारा दस दिन लग जाते है । गेंहू व अन्य सामग्रियों को साफ सफाई कर उससे भुनाई किया जाता है फिर विभागीय अधिकारियों के निर्देशानुसार सेक्टर पर्यवेक्षक के द्वारा निर्धारित मात्रा में सामग्री अनुपात में मिश्रण किया जाता है लेकिन वास्तविकता में अबतक अस्सी फीसदी समूहों में मिक्सिंग का कार्य शुरू ही नही हुआ है । जो जांच के विषय है ।

समूहों के पास निर्माण के लिए पैसा और गेंहू नही

पूरक पोषण आहार योजना अंतर्गत रेडी टू ईट फूड निर्माण कार्य मे सबसे ज्यादा मात्रा में गेंहू का मिश्रण होता है जो समूह के पास मौजूद नही है न ही शासन से अबतक आबंटित हुआ है, जिसके कारण समूह की महिलाओं ने रेडी टू ईट फूड बनाने में कोई रुचि नही दिखा रहे हैं । स्व सहायता समूहों के पास गेंहू खरीदने के लिए पैसा भी नही है जिससे खुले बाजार से महंगे दाम में खरीद कर निर्माण कर वितरण किया जा सके ।

योजना बना गले की फांस

पूरक पोषण आहार योजनांतर्गत कुपोषण दूर करने रेडी टू ईट फूड निर्माण व वितरण कार्य मे ओहदे के अनुसार सभी को मलाई मिल जाती थी और जिम्मेदार अधिकारी स्व सहायता समूह को आँख बंद कर बिल भुगतान कर देता है और प्रतिमाह बिना स्टॉक , वितरण और खपत को परखे बगैर आवश्यकता से अधिक गेंहू का आबंटन भी जारी कर देते थे ।लेकिन दिक्कत तब हुआ जब संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग ब्लाक-ए , द्वितीय तल , इंद्रवती भवन ,नवा रायपुर अटल नगर , जिला रायपुर पत्र क्रमांक /9043/म बा वि / पो आ /2022 नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 14-01-2022 को जिला कार्यक्रम अधिकारी /जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी से पूरक पोषण आहार व्यवस्था अंतर्गत रेडी टू ईट प्रदाय व्यवस्था में परिवर्तन तथा योजना अंर्तगत महिला समूहों को प्रदाय किए गए गेंहू के आबंटन ,उपयोग एवं बचत का सत्यापन एवं समायोजन विषयक हेतु पत्र जारी हुआ ।

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