✍🏻 रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
अमलीपदर –गणतंत्र दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संपर्क केंद्र के कार्यकर्ताओं द्वारा ब्राह्मण पारा ( पूराना जगन्नाथ मंदिर)में पीतांबर तिवारी , नंद कुमार तिवारी एंव मीरा पांडेय के द्वारा ध्वजारोहण किया गया.
इस ध्वजारोहण के कार्यक्रम में उपस्थित उषा ताम्रकार, ममता तिवारी ,श्रीमती सपना ताम्रकार ,श्रीमती गंगा ताम्रकार ,श्रीमती सावित्री ताम्रकार ,श्रीमती लक्ष्मी ताम्रकार (पंच) .
जिसमें प्रमुख रूप से संपर्क केंद्र के प्रमुख दाऊ अतुल ताम्रकार, उमंग सिन्हा, नमन पांडेय ,नितिन तिवारी ,विक्रम नागेश ,तानिया ताम्रकार, चांदनी ताम्रकार ,दर्शिका तिवारी ,नेहा तिवारी, इशांत पांडेय, उत्कर्ष पांडेय, साहिल खान,संस्कार सतपति, हरीश सिन्हा,योगेश मिश्रा के साथ ही गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतुल ताम्रकार ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ। संविधान सभा, जिसका उद्देश्य भारत के संविधान का मसौदा तैयार करना था, ने अपना पहला सत्र 9 दिसंबर 1946 को आयोजित किया। अंतिम विधानसभा सत्र 26 नवंबर, 1949 को समाप्त हुआ और फिर एक साल बाद संविधान को अपनाया गया।
गणतंत्र दिवस का महत्व
गणतंत्र दिवस स्वतंत्र भारत की भावना का प्रतीक है। 1950 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी, जो औपनिवेशिक शासन से भारत की स्वतंत्रता की घोषणा थी। यह दिन भारतीय नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनने की शक्ति की भी याद दिलाता है। भारतीय संविधान की स्थापना के उपलक्ष्य में राष्ट्र इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाता है।
