प्रजापिता ब्रम्हकुमारी विश्विद्यालय के सहयोग से सात दिवसीय प्रवचन माला

छुरा ‌:- समीपस्थ ग्राम सुरसा बांधा में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय गीतापाठ एवं ग्रामवासियों के सहयोग से सात दिवसीय महाभारत एवम्  श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान पर आधारित प्रवचन माला का आयोजन किया गया। शंख नाद के साथ शोभा यात्रा निकाली गई।एवं पूजा आरती के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।        कथावाचक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कुंती दीदी ने श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान का वर्तमान में प्रासंगिता पर प्रकाश डाला। सभा को संबोधित करते हुए श्रीमद्भगवत गीता का आध्यात्मिक रहस्य स्पष्ट करते हुए कहा कि, गीता जीवन जीने की कला सिखाती है। यह एक अद्वेत परामर्श विधि है, हमारी मानसिक धारणा है कि श्रीमद्भागवत गीता का अध्ययन वृद्धावस्था में करना चाहिए, लेकिन भागवत् गीता के ज्ञान का उपयोग युवावस्था में जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह कोई युद्ध शास्त्र नही है, वरन एक योग शास्त्र है।  अपने आंतरिक युद्ध का नाम है श्रीमद् भगवत् जो कर्मयोग सिखाती है। कर्म को योग में परिवर्तन करने की विधि भगवत गीता ही सिखाती है।आज के समय में राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांसारिक सभी समस्याओं का समाधान आध्यात्मिकता ही है। ब्रह्माकुमारी दीदी ने कहा कि  सोच को सुलझाने के रूप में भगवत गीता सुनाई गयी थी, यह हमारे कर्मो में बदलाव लाने की विधि हमें सिखाती है। वर्तमान समय जीवन में हर किसी के पास तनाव है , और तनाव का मुख्य कारण है कि हमें वस्तुओ से, व्यक्तियों से, अपनी देह से अति लगाव और मोह हो गया है। तनाव से यदि मुक्त होना है तो हर एक को अपने आपको आध्यात्मिक रीति से सशक्त करना होगा। जब तक हमारे अंदर आत्म भाव नही आएगा तब तक हम ईश्वर से  जुड़ नही सकते । ईश्वर से शक्ति लेनी है तो थोड़ा समय अपने लिए निकाले और ईश्वर से अपना मानसिक संबंध जोड़े। कार्यक्रम
में मुख्य रूप से पूर्व रामाधार साहू,गणेश राम साहू, सरपंच ताराबाई साहू, रामकिशन साहू, तिहारी राम साहू, लखन लाल, आघरी राम, रामाधार साहू, गंगा बाईं, पुष्पलता साहू, सहित ब्रह्माकुमारी संस्थान से बीके लोकेश भाई, बीके हिरामन भाई, बीके तुलसी राम भाई, के साथ साथ ग्राम वासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

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