सरपंच द्वारा हरे भरे वृक्ष को काटकर ग्राम विकास की बात कहना निंदनीय–हर्षा लोकमनी


पाटन—भाजपा नेत्री सदस्य जिला पंचायत दुर्ग श्रीमती हर्षा लोकमनी चन्द्राकर ने ग्रामवासियों के निवेदन पर ग्राम पंचायत पहंडोर के आश्रित ग्राम बेन्द्री पहुंच कर निरीक्षण किया। इस दरम्यान उन्होंने पाया कि तालाब एव नाला के बीच श्यामशान घाट के अजु बाजू में स्थित लगभग आठ से दस हरे भरे पेड़ो को काटा जा चुका है साथ ही लगभग चालीस से पैतालीस पेड़ो को काटने हेतु चिन्हांकित किया गया है। साथ मे उपस्थित पूर्व सरपंच गजेंद्र मढ़रिया, उपसरपंच रूपमदास मानिकपुरी एव ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच द्वारा मनमानी करते हुए बिना पंचायत प्रस्ताव एव आश्रित ग्राम के पंचो या ग्रामीणों के सलाह के लगभग 54 नग हरे भरे वृक्षों को 37000 रुपये मे विक्रय कर दिया गया है। जब 2/1/2022 को ठेकेदार द्वारा कटाई शुरू हुई तब ग्रामीणों को इस बात का पता चला, तो सरपंच से चर्चा किया गया जिस पर सरपंच का ये कहना कि वृक्ष कटेगा तभी तो ग्राम का विकास होगा अन्यथा 5 साल विकास नही कर पाऊंगा।इस संबंध में पूर्व में शिकायत 4/1/2022 को अनुविभागीय अधिकारी पाटन को किया गया। परंतु अभी तक किसी भी प्रकार से कार्यवाही शासन प्रशासन की ओर से नही की गई है।
श्रीमती चन्द्राकर ने कहा कि आज पर्यावरण को सुरक्षित रखने गांव गांव में वृक्षारोपण किया जा रहा है परंतु पहंडोर सरपंच का यह कृत्य निंदनीय है हरे भरे वृक्षो को काटने के बजाय सुरक्षित करने का प्रयास किया जाना चाहिए। रही बात विकास की तो ग्राम विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर साल 15वे वित्त से राशि दिया जाता है औऱ यह राशि ग्राम के जनसंख्या के आधार पर दिया जाता है इस राशि पर बेन्द्री के ग्रामीणों का भी अधिकार है, साथ ही मांग के अनुरूप राज्य सरकार भी विकास कराने राशि स्वीकृत करती है। जिससे ग्राम का विकास किया जा सकता है। मैं शासन प्रशासन से मांग करती हूं कि सरपंच द्वारा किया गया इस कृत्य के लिए तत्काल जांच किया जाय और संलिप्त लोगो के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जाय।
इस दौरानआज भाजपा मंडल अध्यक्ष लोकमणी चंद्राकर, पूर्व सरपंच गजेंद्र मढ़रिया, उपसरपंच रुपम दास मानिकपूरी, थानसिंह साहू , अर्जुन साहू, महेस्वर दास मानिकपूरी, दुस्यंत निषाद, आजु राम निषाद, श्रीमती लीलेश्वरी निषाद पंच, श्रीमती दिलेश्वरी निषाद पंच, गजेंद्र पारकर, संदीप मढरिया, यमन कुमार मढरिया, चेतन हिरवानी, एवं ग्रमीण जन उपस्थित थे

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