परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
ग्राम सरकड़ा में पिछले कई दिनों से रेत का अवैध उत्खनन कार्य चल रहा ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नही हुई। इसी कारण कल सरकड़ा के ग्रामीणों एवं मजदूरों द्वारा जिला कलेक्टर, जिला खनिज अधिकारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू को 133 ग्रामीणों के हस्ताक्षर सहित ज्ञापन सौपा गया। शाम को जांच हेतु खनिज विभाग जांच दल जांच में आये लेकिन बिना कार्यवाही के ही वापस चले गए और जांच दल आने से पहले रेत माफियाओं द्वारा चैन माउंटेन मशीन को नदी से बाहर कर दिए जिससे खनिज अधिकारी एवं रेत माफियाओं के साथ मिलीभगत की आशंका जाहिर होती है । ग्राम सरकड़ा पैरी नदी में 2 खदान पट्टेदार उमेन्द्र कुमार साहू के नाम से स्वीकृत है।लेकिन शासन के नियमावली को ताक में रखकर अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अवैध तरीके से रेत का उत्खनन पिछले 40 दिनों से चल रहा है। रेत माफियाओं द्वारा जिस खसरे नंबर को पटवारी द्वारा चिन्हांकित कर खनन के दिया गया है उसको खनन नहीं करके दूसरे जगह खुदाई कर पैरी नदी का सीना छलनी कर रहे है।

देश के सर्वोच्च न्यायालय, एन.जी.टी. छत्तीसगढ़ शासन एवं गौण खनिज अधिनियम द्वारा सख्त निर्देश है कि सुबह 6 से शाम 6 बजे तक स्थानीय मजदूरों द्वारा लोडिंग किया जाएगा लेकिन रेत माफियाओं द्वारा 24 घंटे नियम को ताक करके मशीन से लोडिंग किया जा रहा है और बिना रॉयल्टी पर्ची काटे गाड़ियों का परिवहन किया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ शासन को और ग्राम पंचायत को लाखों का राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय मजदूरों द्वारा मशीन लोडिंग बन्द करवाने रेत घाट जाने पर ठेकेदार द्वारा थाने में अंदर करवाने की धमकी देकर डराने का प्रयास किया जाता है । ग्रामीणों और मजदूरों ने कार्यवाही नहीं होने पर उग्र आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में सांसद प्रतिनिधि एवं भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष रिकेश साहू, भाजयुमो जिला स्थायी आमंत्रित सदस्य विरेन्द्र कुमार साहू, सोनसाय निषाद, डोमार निषाद, मुरली निषाद, कुँवरसिंग निषाद, झम्मन निषाद, दानी निषाद, तुलाराम यादव, देवरत निषाद, लोम निषाद, खोमलाल साहू, बाली निषाद सहित अन्य लोग मौजूद थे।
