पाटन। महिला बाल विकास विभाग के तत्वाधान में परियोजना जामगांव एम में महिला जागृति शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यातिथि के रूप में सदस्य जिला पंचायत दुर्ग श्रीमती हर्षा लोकमनी चंद्राकर थी। परियोजना अधिकारी श्रीमती सुनीता सिंह के द्वारा महिलाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उपस्थित महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। गर्भवती माताओ का गोद भराई, बच्चों का अन्न प्रासन, व कुपोषित बच्चों को सुपोषित टोकरी दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि श्रीमती हर्षा चंद्राकर ने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के योजनाए चलाये जा रहे है इन योजनाओं को आपके माध्यम से हितग्राहियों तक पहुचाने प्रयास भी किया जा रहा है परंतु कही न कही हमसे चूक हो रही है जिससे कि सभी हितग्राहियों को लाभ नही पहुच रहा है जिससे माता एव बच्चे कुपोषण की शिकार हो जा रही है, इसके लिए हमे पालको के साथ शिविर आयोजित करने होंगे। पूर्व में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एव ग्रामीणों के द्वारा कुपोषित बच्चों एवं आंगनबाड़ियों को गोद लेने की व्यवस्था थी जिससे काफी स्तर पर सफल भी हुए थे, इसे पुनः चालू करने पर जोर दिया। विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एव सहायिकाओ के मेहनत का परिणाम है कि आज हम कुपोषण पर विजय पाने में सफल हो रहे है।
उपस्थित जनपद सदस्य श्रीमती डाकेश्वरी धनकर ने कहा कि जन जागरूकता से कुपोषण की लड़ाई जीता जा सकता है। कार्यक्रम में महिलाओं को कुपोषण के प्रति जागृति लाने के लिए दो प्रकार के मटके कुपोषण मटका व सुपोषण मटका रखा गया था जिसके बारे में जनपद सदस्य घनश्याम कौशिक ने अच्छे से समझाया।ग्राम तर्रा के सरपंच योगेश चंद्राकर ने महिला बाल विकास विभाग से मिलने वाली अनेक योजनाओं से लाभान्वित होने की जानकारी दी उन्होंने कुपोषण दूर करने के लिए हर संभव सहयोग करने की बात कही व ग्राम तर्रा में 15 जनवरी को अपने स्तर से कुपोषित बच्चों के लिए शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच की बात कही। अतिथियों के द्वारा रेडी टू इट आहार से बनाये गए विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का अवलोकन किया गया।साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा हितग्राहियों को नोनी सुरक्षा योजना के प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से श्रीमती संध्या सिंग, डॉ स्नेहलता गौतम, पुष्पा गुप्ता, दर्शिका शास्त्री, स्वीटी सोनवानी, पार्वती वर्मा, माधुरी वर्मा, अंजू मालिनी, परियोजना के समस्त कार्यकर्ता, सहायिका एव हितग्राही गण मौजूद रहे।
परियोजना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एव सहायिका के मेहनत का परिणाम आज हम कुपोषण पर विजय पाने में सफल हुए है–हर्षा लोकमनी चंद्राकर
