रिपोर्टर-भुवन पटेल
कवर्धा। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा घुरवा ,बाड़ी योजना के तहत तैयार किए गए गोठान का हाल बुरा है ।योजना के तहत गोठान निर्माण में जमकर भ्र्ष्टाचार हुआ है । इसकी एक झलक आपको पंडरिया विकासखंड ग्राम पंचायत अमलिमलगी के गोठान में देखने को मिल जाएगा । ग्राम पंचायत अमलिमलगी में गोठान की स्वीकृति मिली तो पंचायत भवन के सामने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था जिसे हटाकर गोठान बना दिया है लेकिन गोठान की अव्यवस्था को देखते हुए बने गोठान में ग्रामीणों ने पुनः कब्जा कर गोठान बना दिया है । जिसका मुख्य कारण है कि सचिव की मुख्यालय में नही रहना ।

न गाय न गोबर
पंचायत सचिव के मुख्यालय में नही रहने के कारण ग्रामीणों ने गोठान पर पुनः अपना खलिहान (कोठार ) बना लिया है । यदि पंचायत कर्मियों व पदाधिकारियों की निष्क्रियता के चलते अब सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं पर विराम लग गया हैं । ग्रामीणों ने बने गोठान पर ग्रामीणों ने कब्जा कर लिए है जिसके चलते योजनाओं का क्रियान्वयन नही हो पा रहा है न लोगो को लाभ मिल पा रहा है ।
कागजो में संचालित
जब गोठान ही नही है न वहाँ पर गाय जाती हैं । तो वहां पर गोठान समिति का कोई कार्य ही नही बचता । जबकि सरकार के द्वारा गोबर ख़रीदी , पैरा खरीदी , चरवाहा एवं अन्य कार्यों सरकार राशि देता है यहां भी आता है जो केवल कागजो में संचालित होता है । जो जांच का विषय है ।
