✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
गरियाबंद। एक पीड़ित परिवार जिस काम के लिए सालों से भटक रहा था वह आज कलेक्टर के निर्देश पर एक दिन में हो गया। परिवार ने जहां राहत की सांस ली है वही कलेक्टर की संवेदनशीलता की भी जमकर तारीफ हो रही है।
दरअसल अज्ञात बीमारी से जूझ रही मैनपुर विकासखंड के भरुवामुड़ा की 8 वर्षीय बिंदिया का आधारकार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर आधारकार्ड पीड़ित परिवार तक पहुंचाने का दावा किया है।
आधारकार्ड नही होने के कारण बिंदिया का ईलाज नही हो पा रहा था। वह जन्म से ही अज्ञात बीमारी से जूझ रही है और तब से बिस्तर पर है। वह ना चल फिर सकती है और ना ही बोल सकती है।
न्यूज 24 कैरेट ने एक दिन पहले ही इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने मामले को गंभीरता से लिया और सम्बंधित विभाग को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश पर आज ई-डिस्ट्रिक की टीम पीड़ित के घर गई और आधारकार्ड बनाने का ऑनलाइन प्रोसेस शुरू किया। ई-डिस्ट्रिक मैनेजर मिथलेश देवांगन ने न्यूज 24 कैरेट संवाददाता को बताया कि प्रकरण को स्पेशल केस में लिया गया है। एक सप्ताह के भीतर आधारकार्ड बनकर परिजनों तक पहुंचा दिया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घोर उदासीनता से इंकार नही किया जा सकता। यदि इनके द्वारा प्रकरण की जानकारी जिले के सम्बंधित विभाग को दी गयी होती या फिर पीड़ित परिवार को ऐसा करने का सुझाव दिया होता तो शायद अबतक मासूम का इलाज हो गया होता और उसे बिस्तर पर लेटने को मजबूर नही होना पड़ता।
हालाकिं अब कलेक्टर की दखलंदाजी के बाद परिवार को बिंदिया के बेहतर इलाज की एक बार फिर उम्मीद जगी है। कलेक्टर की इस संवेदनशीलता की भी जमकर तारीफ हो रही है।

