गरियाबंद मानव अधिकार दिवस” वर्ष 1948 से हर साल 10 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है —डॉक्टर मनीष सिंहा

✍? विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद मैनपुर
अमलीपदर सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र ने 10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकार दिवस घोषित किया था,जिसका उद्देश्य विश्व भर के लोगों को मानवाधिकारों के महत्व के लिए जागरूक करना और इसके पालन के प्रति सजग रहने का संदेश देना है।दुनिया में हर व्यक्ति का मानवाधिकार है,इसके बारे में जरूर पता रहना चाहिए।
उक्त बाते बीजेपी नेता व जिला- गरियाबंद के बीजेपी चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉक्टर मनीष सिंहा ने प्रेस वार्तालाप पर news24 कैरेट न्यूज़ संवाददाता को कहा कि मानवाधिकार वे नैतिक सिद्धांत हैं जो मानव व्यवहार से संबंधित कुछ निश्चित मानक स्थापित करता है।ये मानवाधिकार स्थानीय व अंतर्राष्ट्रीय कानूनों द्वारा नियमित रूप से रक्षित होते हैं।ये अधिकार प्राय: ऐसे आधारभूत अधिकार हैं जिन्हें प्राय: न छीने जाने योग्य माना जाता और यह भी माना जाता है कि ये अधिकार उसके जन्मजात अधिकार है।व्यक्ति की आयु,प्रजातीय मूल, निवासस्थान,धर्म और भाषा आदि का इन अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं होता।ये अधिकार सदा व सर्वत्र देय और सबके लिए समान हैं।

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