पाटन। केंद्र सरकार के द्वारा किसानों के लिए बनाए गए तीन कानून रद्द किए जाने पर किसान नेता एवं पूर्व सभापति जिला पंचायत दुर्ग राकेश ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए किसानों की संघर्ष एवं कांग्रेस पार्टी की जीत बताया।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए तीनों काले कानून के विरोध में शुरू से ही चालिस विभिन्न किसान संगठन विरोध करते आ रही है। आंदोलन को रद्द करवाने के लिए किसानों ने कई प्रताड़ना झेले कड़ाके की सर्दी, भीषण गर्मी, बारिश कोरोना में भी नहीं डिगे इस संघर्ष में किसानों को अपनी कई किसान साथियों की जान भी गवानी पड़ी उसके बाद भी किसानों ने अपने जायज मांग को लेकर डटे रहे।
किसानों के अपनी जायज मांग तीनों काले कृषि कानून को रद्द करवाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष में साथ दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र की हठ धर्मी सरकार समय रहते यह निर्णय पहले ही ले लेती तो 700 किसान शहीद नहीं होते उन्होंने केंद्र पर तंज कसते हुए कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र सरकार को तीनों काले कानून को रद्द करने में 1 साल से ज्यादा समय लग गए अब केंद्र सरकार को किसानों के मौत की जिम्मेदारी लेकर सार्वजनिक रूप से उनके परिजन एवं किसान संगठन से माफी मांगकर परिजनों को उचित मुआवजा दे।
तीन कृषि कानून वापस लेना किसानों एवं कांग्रेस पार्टी की संघर्ष की जीत, केंद्र में बैठी मोदी सरकार को तीनों काले कानून समझने में लग गए एक साल-राकेश ठाकुर
