पाटन। तीन कृषि बिल वापसी के लिए लगभग 1 साल से दिल्ली की सीमा में किसान अपनी हक कि लड़ाई लड़ रहे थे। पीएम मोदी जी के बिल वापसी की घोषणा निश्चित रूप से किसानों की बड़ी जीत है। संख्या चाहे कम क्यों ना हो पर एकजुटता ही सफलता का कारण माना जाता है! आंदोलन में शहीद होने वाला किसान प्रणमय है अपने घर बार को छोड़कर धरती माता को पूंजीपति के चुंगल से बचाने के लिए अपने प्राणो की आहूति दी है! किसान एकता के आगे ‘घमंड से चूर तानाशाही मोदी की सरकार को आखिरकार झुकना ही पड़ा? आजादी के बाद शायद ऐसा आंदोलन ना हुआ हो। उक्त बातें अश्वनी साहू अध्यक्ष कृषि उपज मंडी दुर्ग ने कहा।
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार की योजना किसान भाइयों को टानिक देने का काम कर रही है! 25 सौ रुपया में धान खरीदी कर मानो मोदी सरकार की जड़े हिला दी है !श्री भूपेश बघेल की सरकार के द्वारा आगामी वर्षों में 28 सौ रुपया में धान खरीदी की घोषणा से एवं भूमिहीन खेतिहर मजदूर न्याय योजना से मोदी सरकार चारों खाने चीत हो गई है !जिसके चलते तीन कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा करना पड़ा! पूरे हिंदुस्तान में भूपेश बघेल सरकार की योजना से देश दुनिया के लोग आकर्षित हो रहे हैं।
किसान आंदोलन में शामिल सभी किसान संगठन एवं देश के सभी राजनीतिक दल जो किसान भाइयों के दर्द को समझ कर आंदोलन को सहयोग दिया वह सब साधुवाद के पात्र हैं।
