✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
मौसम हुई बारिश से खेत खलियान में धान के फसल पर होने वाली क्षति पर चिंता जाहिर करते हुए युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप नें कहां की फसल पूरी तरह पक कर तैयार व कटाई भी जोरों से चल रही है। अधिकांश किसानों के धान कटाई कर कर पा के रूप में खेत में ही है, बेमौसम बारिश से लबालब पानी भर जाने के कारण कटे हुए फसल को नुकसान हो रहा है। बाल अल्टी पलटी कर सुखाने में किसानों का काम बढ़ गया, सूखने की स्थिति मैदान में अंकुरित होने की संभावना बनी रहेगी सुखाने के बाद भी धान उठाते समय खेत में बहुतायत दाना झड़ने की भी संभावना बनी रहती है, साथ ही क्वालिटी भी खराब होगी, जिससे बिक्री दर में भी अंतर आएगा। कश्यप ने कहा कि इस वर्ष किसानों को धान उत्पादन लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, प्रारंभ में पानी की कमी से खेत सूखने तथा फसल मुरझाने की स्थिति में आ गए थे, बाद में मौसम ने साथ दिया तो ले देकर फसल को रासायनिक खाद डालकर तैयार किया गया तो उसी समय विभिन्न प्रकार की बीमारियों से किसान परेशान थे। अधिक मात्रा में दवाई डालने में खर्चा भी ज्यादा होगा इन सभी से बचने के बाद अब बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। श्री कश्यप ने कहा कि अन्नदाता धरतीपुत्र कहे जाने वाले किसान सबसे ज्यादा प्रकृतिक आपदा की मार को झेलते हैं। कष्ट झेल कर जितना मेहनत करते हैं उतना फल नहीं मिल पाता। श्री कश्यप ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा से जहां किसानों को अधिक क्षति की संभावना है, वहां प्रशासकीय आकलन कर क्षतिपूर्ति सहयोग राशि दिया जाना चाहिए।
