अकेलापन आत्महत्या का कारण है : सुखनंदन राठौर,,,आत्महत्या बचाव हेतु सामुहिक प्रयास आवश्यक है : संतोष महतो

आईएसबीएम विश्वविद्यालय में विश्व आत्महत्या निषेद दिवस पर व्याख्यान माला का आयोजन हुआ

जिले के पुलिस अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत किये

छुरा। विश्व आत्महत्या निषेध दिवस के उपलक्ष्य में आईएसबीएम विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गरियाबंद अतरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में गरियाबंद अतरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवि कुलपति डॉ आनंद महलवार ने किया। विवि कुलसचिव डॉ. बीपी भोल, शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. एन के स्वामी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. भूपेंद्र कुमार साहू मंचस्थ रहे।
कार्यक्रम के संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अतरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने कहा कि, समय रहते यदि परिवारिक संबंधि अपने प्रियजनों के प्रति सचेत रहें तो उन्हे बचाया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि अतरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, आत्महत्या एक अपराध है। लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से दृढ़ता के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। साथ ही उन्होंने आत्महत्या के मर्म को समझाने के लिए उदाहरण स्वरूप प्रदर्शित किया। कार्यक्रम अध्यक्षता कुलपति डॉ. आनंद महलवार ने कहा कि, मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव वहन करने की अक्षमता का प्रतिफल आत्महत्या है। कुलपति महोदय जी के द्वारा जीव वैज्ञानिक प्रतिफल एवं मानवों के मन:स्थिति के संबंध में तर्क रखा गया।
कुलसचिव डॉ. बीपी भोल ने आत्महत्या के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर व्याख्यान रखते हुए कहा कि, लोगों में वर्तमान परिदृश्य में मनोवैज्ञानिक दबाव सहन करने में असमर्थता के कारण ये अपराध बढ़ने लगा है। वहीं लोगों की अस्थिर मानसिक के दृढ़ता का यह परिचायक है। समाज को हमें इस अपराध से बचाने का प्रयास करना चाहिए। विधि विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार राय ने आत्महत्या को गुढ़ता से परिचय बताते हुए। आत्महत्या पर आधारित विधि एवं कानून विषयक विचार प्रस्तुत किये गए। शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. एन के स्वामी ने आत्महत्या, आत्महत्या के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए। इसके भावी क्षतियों एवं आत्महत्या करने वाले अभियुक्त के परिवारिक क्षति के संबंध में जानकारियाँ दी गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन विधि विभाग के सहा. प्राध्यापक सौरभ शुक्ला ने किया। कार्यक्रम के दौरान विवि के समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष एवं सहायक प्राध्यापक सहित समस्त विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी रही कि यह वर्चुअल एवं साक्ष्य पटल दोनों माध्यम में आयोजित किया गया।

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