राष्ट्र को समर्पित जीवन ही श्रेष्ठ- डॉ. आनंद महलवार

छुरा- स्वतंत्रता दिवस समारोह का कार्यक्रम आईएसबीएम विवि परिसर में बड़े धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विवि के कुलपति डॉ. आंनद महलवार मंचस्थ रहे। साथ में विवि के कुल सचिव डॉ. बीपी भोल, डीन डॉ. एन कुमार स्वामी, डीएसडब्ल्यू डॉ. भूपेन्द्र कुमार साहू मंचस्थ रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: 07:30 पूर्वाह्न को ध्वजारोहण से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आंनद महलवार के ध्वाजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान हुआ।
विवि परिसर के स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल में समस्त विद्यार्थीगण, प्राध्यापक एवं कर्मचारी की उपस्थिति में माँ सरस्वती की वंदना एवं पूजा अर्चना कु. ललिता साहू और कु. रेखा साहू के द्वारा किया गया। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान संकाय विभागाध्यक्ष विमला सोना के द्वारा राजकीय गीत का गायन किया गया।
विवि के कुलपति डॉ. आनंद महलवार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, “राष्ट्र के लिए हम सभी को समर्पित रहना चाहिए। हम देश की सेवा अपने-अपने कार्यों के प्रति नैतिक जिम्मेदारी निभा कर कर सकते है। हमें प्रयास करना चाहिए की हमारा जीवन राष्ट्र को समर्पित हो।”
विवि के कुलसचिव डॉ. बीपी भोल ने कहा कि, “हम 75 वर्ष के आजादी के बाद भी हमारा राष्ट्र, आर्थिक, सामाजिक और जातिगत् मतभेदों के बीच बटा हुआ है। हमें राष्ट्र के विभिन्न चुनौतियों का सामना करना है और भावी सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए वर्तमान को मजबूत करना आवश्यक है। विवि के डीन डॉ. एन कुमार स्वामी ने कहा कि, हमें अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन रखना आवश्यक है। यदि हम यह नही कर पाएंगे तो कभी सफल नहीं हो सकते है।”
विवि के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. भूपेंद्र कुमार साहू ने कहा कि, वैधानिक रूप से हम स्वतंत्र हैं, लेकिन समाज आज भी कई मुद्दों पर वैचारिक रूप से आजाद नहीं हुआ है। इसे हम सभी को मिलकर सुधार लाना है। कॉमर्स एवं प्रबंधन संकाय विभागाध्यक्ष खुशबू राजपूत ने आजादी के समर में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला। वहीं कला संकाय के प्राध्यापक डायमंड साहू ने छत्तीसगढ़ी में अपनी रचना प्रस्तुत किया।
अगली कड़ी में ओज की रचना से स्वतंत्रता संग्राम की यादों को प्रो. कामेश यादव ने ताजा किया। प्रो. प्रीतम साहू ने मातृभूमि को समर्पित कविता पेश की। वहीं विश्वविद्यालय में आजादी के पर्व के दिवस से सप्ताह पहले से प्रारंभ किये स्मृति पर्व “छत्तीसगढ़ के रत्न” के आयोजन के समापन एवं सारांश विवि के ग्रंथपाल पुखराज यादव ने व्याख्यान के रूप में प्रस्तुत किया एवं वंदेमातरम पर स्वरचित कविता का पाठन किया।
अंतिम कड़ी में छत्तीसगढ़ के रत्न कार्यक्रम में व्याख्यान प्रस्तुतीकरण, संचालन एवं कार्यक्रम संयोजक को विवि द्वारा सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. भूपेंद्र कुमार साहू ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. खेमराज चंद्राकर ने किया। कार्यक्रम के सूत्रधार के रूप में प्रो. प्रीतम साहू एवं हेमंत पांडे की महती भूमिका रही। समारोह में विवि के विद्यार्थियों की भी उपस्थिति रहीं। यह समारोह कोरोना गाईड लाईन एवं सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया।

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