संसोधित भूमि के बारे में सरपंच, सचिव को कोई जानकारी नही।
नापने के लिए आये पटवारी,आर आई तो जानकारी हुई।
लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचायत रक्सा में हो रही गौठान निर्माण में इतनी बड़ी लापरवाही देखने को मिला किसी को कोई जानकारी नही।
बता दे कि ग्राम पंचायत रक्सा में पंचायत प्रस्ताव कर गौठान निर्माण के लिए आरक्षित भूमि (घास जमीन) खसरा न 236 को पूरे पंचायत की ओर से प्रस्तावित किया गया था।
पर उस प्रस्तावित भूमि को छोड़ कर दूसरे अन्य जगह को चयनित किया गया। जबकि सरपंच, सचिव की माने तो इसकी कोई जानकरी नही है।
पर बताना लाजमी होगा कि अगर ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावित जमीन को अगर छोड़कर दूसरे जगह पर गौठान निर्माण करना था तो उनकी जानकारी पंचायत को जरूर देना चाहिए। पर ऐसा कुछ नही हुआ। इसकी जानकारी लेते हुए हमारे रिपोर्टर द्वारा सरपंच, सचिव को जानकारी लिया गया तो उसने बताया कि हमे इसके बारे में कोई जानकारी नही।
नई चयनित जगह में नापने में आर आई, पटवारी के द्वारा भी लापरवाही किया गया
गौठान निर्माण के लिए नई चयनित भूमि को नापने में लापरवाही की गई। जिस हिसाब से पटवारी, आरआई के द्वारा नापाई किया गया। वह सन्देह खड़ा करती है।
जो नई चयनित भूमि है। उसमें कई किसान की जमीन प्रभावित हो रही है। पटवारी, आरआई की इतनी लापरवाही की पट्टाधारी किसानों के जमीन को घास जमीन बताया गया।
प्रभावित किसानों में
चम्मन राम भारती, कार्तिक राम भारती, कन्हैया भारती, भुनेश्वर धुव्र, बिसाहू राम धुव्र, खोरबाहरा राम धुव्र, गिरधर निषाद, रोहित निषाद, परमात्मा जांगड़े, प्रीतम चंदनिया आदि शामिल है।
किसानों से बात चीत करने पर बताया कि स्वयं एसडीएम साहब, कलेक्टर साहब आकर इस मामले को देखे।
इस मामले पर कोई कार्यवाही नही हुई तो हम सब कलेक्टर परिसर में पूरे परिवार सहित आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे।
कूछ किसान तो ऐसे है। जिनके पास इस जमीन के अलावा और जमीन नही है। तो कैसे जीवन यापन करेंगे। ये सोचने वाली बात है। शासन प्रशासन को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।
गौठान निर्माण में नापी गई जमीन को छोड़कर छोड़कर नापा गया। इनका विरोध किसानों के द्वारा किया गया। तो पटवारी, आरआई ने कहा कि हमे मत सिखाओ हम सब जानते है। ये सब करने के लिए हमे एसडीम साहब द्वारा आदेश किया गया है। आप उन्ही को बोले ये कह कर पलड़ा झाड़ लिए।
पंचायत द्वारा प्रस्तावित भूमि को ये कहकर जगह को निरस्त किया गया कि यह बड़े जंगल की झाड़ है
आपको बता दे कि जिस जगह को पंचायत प्रस्तावित किया था। उनको बड़े झाड़ की जंगल बता कर उनको निरस्त कर दिया गया जब कि दूर दूर से देखने पर उसजमीं पर एक झाड़ का नमो निशान नही है। और यही जगह ही नियम के अनुसार गौठान के लिए उचित है।
शासन प्रशासन स्वयं आकर जगह को देख सकते है। कि कौन सा जगह उचित है।
जब कि नई चयनित जगह है। उस जगह को कई सालो से दर्जनों किसान किसानी करते आ रहे है।
लेकिन वही पंचायत प्रस्तावित जगह को कुछ लोग महज ही 2 से 3 साल ही हुआ है जिस पर किसानी कर रहे है।

पटवारी भारती देवांगन
इस बारे में पटवारी से जानकरी लिया गया तो कहते है। मैं कुछ नही जानती इसके बारे में आपको आईआर सर बताएंगे।
आईआर चंद्रप्रकाश सोनी
हम एसडीएम साहब के आदेशो का पालन कर रहे है। उनकी पूरी जानकारी एसडीएम साहब देंगे।
देखना ये होगा कि खबर के बाद इस मामले मे क्या कार्यवाही करते है। और लापरवाही बरतने वालो के ऊपर और कार्यवाही करते है। या और लापरवाही को निमंत्रण देते है।
