लो वोल्टेज व बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति ठप्प, वहीं किसान खरीफ खेती में सिंचाई के लिए परेशान

रवेंद्र दीक्षित छुरा,,,

*छुरा-…. बरसात के दिनों में घर के बाहर चिलचिलाती धूप और घर के अंदर लो वोल्टेज व अघोषित बिजली कटौती की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है । गर्मी के कारण रात के समय लोग सो नहीं पा रहे हैं।
गरियाबंद जिले के छुरा विकास खण्ड अन्तर्गत के गांवों में लो वोल्टेज की समस्या से लोग बेहाल हैं। बिजली से चलने वाले सभी उपकरण कूलर, फ्रिज, टीवी, पंखे आदि लो वोल्टेज के कारण शोपीस नजर आ रहे हैं। दर्जन भर से ज्यादा गांवों के लोग यह समस्या झेल रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण घर के उपकरण बेजान हो गए हैं।लो वोल्टेज के कारण ग्रामीण कंडील (लालटेन)का उपयोग करने मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लो वोल्टेज की समस्या को जल्द ही दूर करने की बात कही है। ग्रामीण तथा किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार और विभागीय अधिकारियों पर रोष प्रकट की और कहा कि कुर्सी तोड़ने वाले नेता व अधिकारी आराम फरमा रहे हैं।इन्हें किसानों एवं ग्रामीणों तथा छात्रों की समस्या दिखाई नहीं दे रही है। शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों पर कोई एक्शन न असर । पिछले 2 महीने से ग्रामीण लो वोल्टेज की समस्याओं को झेल रहे है। पहाड़ी इलाको में जंगली जानवर व विषैले जीव जंतुओं का खतरा होता है। ऐसे में अगर बिजली की समस्या ग्रामीणों को झेलनी पड़े तो जीवन व्यतीत करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
ग्राम मड़ेली के आक्रोशित एवं परेशान ग्रामीण व किसानो ने कहा कि मड़ेली – खड़मा में विद्युत सबस्टेशन स्थापित तो किया गया है, लेकिन इसका सही लाभ क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पूर्व सूचना के कभी लोड शेडिंग, कभी मेन्टनेंस, तो कभी 33 केवी में खराबी,आए दिन जर्जर तारों व जर्जर तारों के टूटने से बिजली आपूर्ति बाधा आ रही है के नाम पर घंटों बिजली बंद कर दी जाती है। इससे उपभोक्ता परेशान रहते हैं। गांवों में बिजली आपूर्ति व लो वोल्टेज के कारण किसानों की धान तथा अन्य फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारी असमय कटौती का कोई कारण भी नहीं बता पाते।
दिन रात अघोषित बिजली कटौती व लो वोल्टेज से गर्मी के दिनों में मौसम की मार भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं वहीं बरसात में मच्छरों और गर्मी के कारण रात के समय लोग सो नहीं पा रहे है, जैसे जैसे पारा ऊपर चढ़ रहा है वैसे-वैसे भीषण गर्मी और उमस में अघोषित बिजली कटौती व लो वोल्टेज की कमी बढ़ रही है लोगों को बिजली की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
*नागरिक पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं*
लो वोल्टेज व बिजली की आंख मिचौली खेल के कारण नल-जल योजनाओं के अंतर्गत पीने के पानी की सप्लाई ठीक से नहीं हो पा रहे हैं ,नगर सहित ग्राम पंचायतों में नलजल योजना भी ठप्प पड़ी है।ओवर हैड टैंक में ट्यूबवेलों से पानी भरा जाता है लेकिन लो वोल्टेज के कारण दिन रात में भी ओवरहैड टैंक नहीं भर पा रहे हैं। अगर पीने का पानी की सप्लाई ठीक से नहीं होगा तो नागरिकों का क्या हाल होगा….
किसान व ग्रामीण सीता बाई ध्रुव, रुखमणी बाई ठाकुर, दयाराम निर्मलकर, ईश्वर निर्मलकर, गणेश साहू,भगोली निषाद,मदन साहू, वेशनारायण ठाकुर, मोतीलाल ध्रुव, अमृत ठाकुर,भीखम ध्रुव, तेजराम निर्मलकर, गणेश ध्रुव, भीखम ठाकुर, गजेन्द्र ठाकुर, गोवर्धन ठाकुर,रामचन्द साहू, मनहरण सिन्हा,टेमन सिन्हा, गिरधारी सेन,देवी ध्रुव, भोला ठाकुर,रवि साहू,करण ठाकुर, ने बताया कि घंटों बिजली बंद होने के कारण खेतों में लगे पंप नहीं चल पा रहे हैं, कम(लो) पावर के पंप भी नहीं चल पा रहे है। स्टाटर भी नहीं उठा रहें हैं। हम किसानों को खरीफ की धान तथा सब्जि बाड़ियों के चौपट होने की चिंता सताने लगी है, गांव में भी लो वोल्टेज व अघोषित बिजली आपूर्ति के कारण कुलर, पंखा,फ्रिज, टीवी बेजान हो गए है। ग्रामीण भीषण गर्मी और उमस, मच्छर के कारण रात को सो नहीं पा रहे हैं। अनियमित विद्युत आपूर्ति व लो वोल्टेज से लोगों का जीना हराम हो गया है।

जल ही जीवन है
दो गज दूरी,मास्क जरूरी
साबुन से बार बार हाथ धोएं
सेनेटाइजर का उपयोग करें
कोरोना का कहर अभी टला नहीं है। सावधानी बरतें।

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