बेमेतरा जिले में धान फसल की बोनी एवं रोपाई कार्य जोरो-शोरो से चल रही है, जिसमें अभी तक 70 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की बोनी किसानों द्वारा किया जा चुका है। इसके साथ खरीफ की अन्य फसले जैसे सोयाबीन, अरहर, मक्का, मूंगफली इत्यादि की भी बोनी प्रारंभ हो चुका है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इस वर्ष धान बोने वाले सभी किसानों को इस योजना में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, तभी योजना के तहत 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। पिछले वर्ष खरीफ 2020 में 1 लाख 26 हजार 501 किसानों द्वारा 1 लाख 58 हजार 813 हेक्टेयर में सहकारी समितियों के माध्यम से धान बेचा गया था। जिसमें धान बेचने वाले सभी किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला है। इस वर्ष भी योजना का लाभ लेने के लिये धान की फसल लेने वाले सभी किसानों को पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन नही होने की स्थिति में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ नही मिल पाएगा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना का सहाकरी समितियों में धान विक्रय से कोई संबंध नही है। अतः कृषक भाई इस योजना में पंजीयन कराने के बाद समितियों में धान विक्रय भी पूर्व की तरह कर सकते है।
सहायक संचालक कृषि, बेमेतरा ने बताया कि इसके अलावा इस वर्ष सोयाबीन, अरहर, मक्का, कोदो-कुटकी एवं गन्ना उत्पादन लेने वाले किसानों को भी शामिल किया गया है। जिसके लिये इन फसलों को लेने वाले किसानो को भी इस योजना में पंजीयन कराना होगा। किसान पिछले वर्ष जिस खसरे में धान बेचे थे, यदि उस खसरे में धान के बदले फसल परिवर्तन करते है, तो उन्हे अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त होगा। फसल परिवर्तन के तहत सामान्य धान के स्थान पर सुगंधित धान, जिंक धान, दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी, मक्का, केला, पपीता लेने पर किसान को पंजीयन उपरांत 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि शासन द्वारा दिया जायेगा। पौधरोपण करने वाले किसानों को लगातार तीन वर्ष तक 10 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी।
पात्र कृषक और जरूरी दस्तावेज:- सभी श्रेणी के भू-स्वामी एवं वन पट्टाधारी कृषक राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है। संस्थागत भू-धारक, रेगहा-बटाईदार कृषक अपात्र होगें। राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत पंजीयन कराने क लिये ऋण पुस्तिका, बी-1, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन प्रपत्र आवश्यक है। आवेदन प्रपत्र एवं अन्य जानकारी वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकती है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत पात्र कृषक एक जून से 30 सितम्बर 2021 तक पंजीयन करा सकते है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषक के आधार कार्ड एवं खसरावार फसल का सत्यापन उपरांत संबंधित सेवा सहकारी समितियों से समयावधि में पंजीयन कराना होगा। अपंजीकृत कृषक को लाभ पाने की पात्रता नही होगी।
आवेदन प्रपत्र भरते समय ध्यान रखने वाली बाते:-किसान की दो या अधिक गांवो से भूमि होने पर प्रत्येक गांव के लिये अलग-अलग आवेदन करना होगा। आवेदन प्रपत्र भरते समय आधार कार्ड अनिवार्य है। आवेदन प्रपत्र में बोये गये फसल की जानकारी खसरावार एकड़ में दर्ज किया जाना है। किसान द्वारा आवेदन प्रपत्र में दी गई खसरावार फसल की जानकारी का गिरदावरी आंकड़ों से मिलान उपरांत सही पाये जाने पर योजना का लाभ प्राप्त होगा। कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों द्वारा ग्राम में विशेष अभियान चलाकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।
