झितरी डुमर में बच्चों का खुला मंच ,,महिला बाल विकास विभाग का आयोजन

छुरा……गरियाबंद जिला के ग्राम झितरीडुमर में बच्चों के खुला मंच कार्यक्रम का आयोजन परियोजना भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लोक आस्था सेवा संस्थान गरियाबंद में संचालित चाइल्ड लाइन 1098 टीम के माध्यम से चाइल्ड लाइन गरियाबंद डायरेक्टर सुश्री लता नेताम के मार्गदर्शन में आयोजन किया गया, कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के द्वारा महात्मा गांधी जी की छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर किया गया ।तत्पश्चात अतिथियों का गुलाल व तालियों के साथ स्वागत किया गया। जिला किशोर न्याय बोर्ड से सु श्री शीला यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि चाइल्ड लाइन 0 से 18 वर्ष के बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए कार्य कर रही है । ऐसे अपचारी बालक, विधि से संघर्ष बालक, व्यसन के शिकार बालक को न्याय एवं अधिकार दिलाने में सहयोग करता है। माता पिता का कर्तव्य है की बच्चे को अच्छी संस्कार दे, लडकी लड़का को एक समान अवसर प्रदान करे, और पालको को जागरूकता का परिचय देते हुए बच्चो को काम पर नहीं भेजना चाहिए इससे बच्चो के शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता हैं। गुड टच बेड टच, दत्तक ग्रहण, तथा बाल विवाह के बारे में विस्तार से जानकारी दिया । चाइल्ड लाइन गरियाबंद के परियोजना समन्वयक महेंद्र दास मानिकपुरी ने खुला मंच कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताया कि बच्चो की समस्याओं का निराकरण हेतु विभागों में समस्याओ को रूबरू करवाना व खुला मंच के माध्यम से बच्चो के विचारों को एक मंच प्रदान करना है। बच्चों के चार अधिकारों जिसमें जीवन जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, सहभागिता के अधिकार एवं सुरक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आगे बच्चो को कहा कि यह संवेदनशील समय स्वयं मेहनत कर पढ़ने लिखने का समय है कोविड-19 की वजह से सारे शिक्षा संस्थान बंद होने के कारण बच्चे गलत कार्यों की ओर लिप्त हो रहे हैं कई छोटे बच्चे अपशिष्ट पदार्थ बिनने के लिए आसपास के क्षेत्रों में जाते हैं व कई ऐसे बच्चे हैं जो पढ़ाई छोड़ कर के कई खतरनाक कार्यों में जा रहे हैं जो बाल श्रमिक की श्रेणी में आता है और यह कानूनन अपराध है। बच्चों के विकास के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य की आवश्यकता क्यों होती है और इसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है इस संदर्भ में जानकारी दी, यदि किसी भी बच्चे को कोई प्रकार की समस्या है तो 1098 में कॉल करके सूचना दे सकते हैं चाइल्ड लाइन टीम के द्वारा बच्चों का सहयोग किया जाएगा । कहा की माता पिता का कर्तव्य है की बच्चे को अच्छी संस्कार दे, लडकी लड़का को एक समान अवसर प्रदान करे, और पालको को जागरूकता का परिचय देते हुए बच्चो को काम पर नहीं भेजना चाहिए इससे बच्चो के स्वास्थ्य के साथ साथ शिक्षा पर असर पड़ता हैं। बच्चों के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद में प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। खुला मंच कार्यक्रम में सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन गरियाबंद की ओर से पेन एवं बिस्किट वितरण कर प्रोत्साहित किया गया । इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, पालक वर्ग, युवा साथी व चाइल्ड लाइन टीम का। विशेष सहयोग रहा ।

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