बेमेतरा –अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के ऐसे परिवार जिनके मुखिया की मृत्यु कोरोना महामारी से हो गई हो, को आर्थिक सहायता प्रदान करने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के द्वारा ‘आशा‘ और ‘स्माइल‘ नाम से योजना प्रारम्भ की गई है, जिसके तहत पात्र हितग्राहियों का चयन किया जाएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण लाटा ने बताया कि उक्त योजनाओं का लाभ ऐसे परिवार को मिलेगा जिनके कमाऊ मुखिया की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण के कारण हुई हो। इसके तहत परियोजना लागत के 20 प्रतिशत तक क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी जो प्रति लाभार्थी अधिकतम पांच लाख रूपए प्रति युनिट तक है, के साथ किसी भी आवश्यकता आधारित स्वरोजगार उपक्रम के लिए मृतक के पात्र निकटतम रिश्तेदार को उसके परिवार का समर्थन करने के लिए दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए पात्रता का निर्धारण किया गया है जिसके तहत आवेदक को अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग से होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक पारिवारिक आय तीन लाख रूपए तक होनी चाहिए। यह भी आवश्यक है कि जिस व्यक्ति की कोविड-19 से मृत्यु हुई, वह परिवार का कमाने वाला व्यक्ति था। मृतक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जिसकी आय कुल घरेलू आय में सबसे अधिक अनुपात में योगदान करती है। अंत्यावसायी सीईओ प्रवीण लाटा ने यह भी बताया कि कोविड से मृत्यु के प्रमाण के तौर पर स्वीकार्य दस्तावेज रजिस्ट्रार जन्म और मृत्यु या स्थानीय नगर निकाय द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र या श्मशान भूमि/कब्रिस्तान में स्थानीय प्राधिकरण द्वारा जारी की गई रसीद अथवा मृत्यु ग्राम क्षेत्र में हुई हो तो गांव के प्रखण्ड विस्तार अधिकारी का पत्र भी स्वीकार किया जा सकता है। इसके तहत परियोजना की प्रति इकाई लागत पांच लाख रूपए और अनुदान राशि 20 प्रतिशत या अधिकतम एक लाख रूपए तक जो भी कम हो, प्रावधानित किया गया है। आवेदक मृतक का निकट रिश्तेदार होना चाहिये, जो परिवार का पालन पोषण करेंगा। इसके लिए मृतक परिवार के सदस्य जो ऋण लेने के इच्छुक हैं, वे कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कक्ष क्रमांक-82 में 25 जून तक सम्पर्क कर नाम दर्ज करा सकते हैं तथा विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।
