पाटन। जिला पंचायत सदस्य दुर्ग श्रीमती हर्षा लोकमनी चन्द्राकर ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि ढाई साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल एव कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव के समय किये गए घोषणा पत्र अब केवल घोषरा पत्र बनकर रह गई है। पिछले ढाई साल इन्होंने अपने किसी भी वादे को पूर्ण नही किया है जो भी थोड़ा हुआ है वह अधूरा है।आगे इनकी अढैया साती की शुरुआत हो रही है।
उन्होंने बताई की कांग्रेस ने किसानों का पूर्ण कर्ज माफ का वादा किया था जब करने की बारी आई तो केवल सोसायटियों की कर्ज माफी ही किया गया। इन्होंने पूर्व में बचत दो बार का बोनस देने की बात कही थी अब तक उसका कही अता पता नही है, इन्होंने हर पंचायत में गौठान बना कर गायो को वहां रखने, उनकी चारा की व्यवस्था, गोबर खरीदने की बात की थी, कुछ पंचायतों में केंद्रीय योजना 14वी वित्त एव मनरेगा से गौठान तो बन गया परंतु गाये आज भी सड़क पर ही है, न चारे की व्यवस्था है, न नही अधिकतर गौठान में गोबर की खरीदी हो रही है। सरकार बनते ही धान खरीदी की प्रति एकड़ लिमिट 15 क्वी से बढ़ा कर एक एक दाना खरीदने साथ ही गर्मी फसल की धान भी खरीदने का वादा किए थे। गर्मी फसल की धान खरीदने की बात तो दूर है आज भी एक दाना ऊपर नही खरीद रहे है उल्टा किसानों की जमीन का रकबा एन केन प्रकारेण कम करने में लगे हुए है। अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की बात की गई थी बेचारे आज सड़क पर आ गए है, बेरोजगारों की बेरोजगारी भत्ता, साठ साल से ऊपर उम्र के बुजुर्गों को 1000 रु पेंशन, 75 साल उम्र के बुजुर्गों को 1500 रु पेंशन, विधवा महिला बहनो को 1000/-माहवार पेंशन, चिटफंड कंपनी में निवेशक जनता के डूबे पैसे को वापस दिलाने की बात हो या बिजली बिल हाफ करने।
उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे बड़ी बात तो इन्होंने महिला बहनो से किया वादा पूर्ण शराबबंदी का किया था, शराबबंदी तो नही हुआ उल्टा शराब घर घर पहुंचने लगा।प्रति व्यक्ति शराब खरीदने की सीमा सोलह पौवा कर दिया परिणाम स्वरूप पाटन के एक एक गांव में आज अवैध शराब बिकने लग गया, निर्माण कार्यों में आज पाटन क्षेत्र में ही भ्रष्टाचार चरम पर है, कुल मिला कर पूरा ढाई साल हर मोर्चे पर विफलता में ही बीता है ऐसे असंवेदनशील, असफल मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है इनको तत्काल पद से हटा देना चाहिए।
ढाई साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हर मोर्चे पर असफल, मुख्यमंत्री जी इस्तीफ़ा दो : हर्षा लोकमनी चन्द्राकर
