राज्य की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल है-केदार कश्यप

प्रांजल झा….

कांकेर । राज्य की कांग्र्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है । कांग्रेस सरकार ने न तो अपने घोषणा पत्र के वादे पूरे किये और न ही आगे पूरे करने की नियत दिख रही है । इन ढाई वर्षो में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपलब्धि सिवाय केन्द्र सरकार को कोसने के कुछ भी नही है । राज्य में न तो विकास के कार्य हो रहे है और न ही जनकल्याणकारी कोई कार्य । राज्य की जनता मात्र ढाई वर्षो में कांग्रेस सरकार से त्रस्त हो गई है । उक्त बातें छ.ग. के पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने आज भाजपा कार्यलय कमल सदन में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही । कश्यप के साथ लोकसभा सांसद मोहन मण्डावी, भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया भी उपस्थित थे । कश्यप ने सरकार की नाकामी को गिनाते हुए आगे कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार का आधा कार्यकाल खत्म हुआ और साथ ही सरकार की उल्टी गिनती भी । सरकार के ढाई साल का यह कालखण्ड जनता से किये वादे को तोड़ने, धोखाधड़ी, विश्वासघात, अराजकता, भय, भ्रष्टाचार और भूख के काले अध्याय के रूप में जाना जायेगा । पवित्र गंगा जल हाथ में लेकर वादे निभाने की कसम खाने वाले कांग्रेसियों ने जनता से किया कोई वादा अब तक नही निभाया । श्री कश्यप ने कहा कि शराबबंदी का वादा करने वाली कांग्रेस सरकार ने शराब की होम डिलीवरी चालू कर दी । इनके विधायक सार्वजनिक रूप से कहते है कि राज्य की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को सुधारने सरकार शराब बेच रहे है। विपक्ष में रहते जनता से शराबबंदी का वादा करने वाली सरकार घर-घर शराब पहूंचा कर दे रही है। शराब का दुष्परिणाम यह हुआ कि अभी हाल ही में महासमुद में घर के मुखिया के शराबखोरी के लत से परेशान होकर एक महिला ने अपने पांच बच्चों सहित ट्रेन से कटकर जान दे दी । कांग्रेस पार्टी के राज्य की सत्ता में आने के बाद से शांति का टापू छत्तीसगढ़ अपराधगढ़ में बदल गया । राजाधानी रायपुर में दिनदहाड़े बीच बाजार एक व्यापारी की चाकू गोदकर हत्या कर दी जाती है । पिछले दो वर्ष में राज्य में 1828 हत्या, 1281 हत्या के प्रयास, 4939 दुष्कर्म की घटना, 12862 चोरी, 133 डकैती और 855 लूटपाट के मामले दर्ज किये गये है । कश्यप ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था इतनी बदहाल हो गई है कि मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पांच लोगों की संदिग्ध मौत हो गई जिसका कारण सूदखारों की प्रताड़ना थी । राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कोरवा जनजाति की नाबालिक बच्ची के साथ सामुहिक दुष्कर्म के बाद परिवार सहित नृशंस हत्या हो जाती है । जशपुर की आदिवासी बेटी को सात बार बेचा गया जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली । कुरूद में रेत माफियाओ ने बंधक बनाकर जिला पंचायत सदस्य को पीटा । इन सब घटनाओ से सरकार को कोई फर्क नही पड़ा और ऐसा लगा कि अधिकांश मामलों में अपराधियों को सरकार का खुला सरंक्षण प्राप्त था ।
कश्यप ने आगे कहा कि कांग्रेस ने 10 दिनों में किसानो का कर्ज माफी का वादा किया था परंतु वास्तविकता यह है कि सरकार ने कर्ज लेकर प्रदेश की जनता को कर्जदार बना दिया है । घोषणा पत्र में स्पष्ट वादा करने के बावजूद किसानों के दो साल के धान का बोनस का भुगतान अब तक नही मिला है । पिछले ढाई वर्षो में प्रदेश में करीब 300 किसानों ने आत्महत्या की है । सरकार के गिरदावरी रिपोर्ट बनाने के नाम पर खेत का रकबा कटने से परेशान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के जिले के किसान धनी राम मरकाम ने आत्महत्या कर ली । कांग्रेस का वादा था कि सबसे सर पर छत कब्जाधारी को पटटा जबकि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा प्रदेश को दिये गये 6 लाख आवास में से 4 लाख 80 हजार आवास कांग्रेस ने वापस कर दिया । छत्तीसगढ़ियों के हक पर डाका डालने वाली कांग्रेस सरकार की जितनी निंदा की जाये उतनी कम है । उन्होने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि हर घर रोजगार और एक लाख शासकीय नौकरी का वादा करने वाली कांग्रेस सरकार ने गिनती के भी रोजगार नही दिए । पीसएससी में अराजकता चरम पर है 14000 चयनित शिक्षकों को अब तक नियुक्ति नही मिली है। बेरोजगारों को भत्ता, किसानों, बुजुर्गो पर पेंशन देने के वादे पर भी शासन चुप है । प्रदेश के युवाओं को 2500 रू भत्ता और 10000 हर महीने सामाजिक कार्यो से माध्यम देने का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस किसी बेरोजगार को 1 रू भी बेरोजगारी भत्ता नही दिया है ।
भूपेश बघेल की सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा चालू किये गये स्मार्ट कार्ड योजना को दुर्भावनावश बंद कर व केन्द्र की आयुष्मान योजना को लागू न कर प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया । इस सरकार ने तो कोविड से मरे लोगों का मृत शरीर उठाने का भी दाम 2500 रू तय कर रखा है । कोविड महामारी से निपटने मेे भी यह सरकार नाकाम रही है । कोरोना वैक्सीन पर इस सरकार के मंत्री और नेताओ ने भ्रम फैलाया जिससे प्रदेश की जनता कोविड वैक्सिनेशन को लेकर उदासीन रही । कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है महासमंुद में महिला बाल विकास विभाग के भ्रष्टाचार पर कार्यवाही को लेकर विभाग के ही अधिकारी को अनशन पर बैठना पड़ा । और ऐसा भ्रष्टाचार सिर्फ एक जिले में ही नही बल्कि कई जिलांे में हुआ है पर सरकार द्वारा भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही करने के बजाय उनको संरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में रेत माफिया, भू माफिया, हाथी माफिया, कोयला माफिया, डग माफिया, जंगल माफिया समेेत हर तरह के माफियाओं की पौ बारह है । अनेक मामलों में कांग्रेस से नेतागण ही इसमें संलिप्त है।
श्री कश्यप ने आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते झीरम घाटी नरसंहार के सबूत होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब सबूत बाहर क्यों नही लाते और जांच एजेंसी को सौंपते ? इस सरकार में कांग्रेस के नेताओं ने मीडिया जगत के लोगो पर भी बर्बर आक्रमण किये हैं । दंतेवाड़ा विधायक भीमा मण्डावी की हत्या व सिलगेर में निर्दोष आदिवासियों पर गोली चलाने की घटना भी निंदनीय है। नक्सलियों को खत्म करने का वादा करने वाली कांग्रेस सरकार में नक्सली आंतक और बढ़ा है । श्री कश्यप ने अंत में कहा कि 10 जनपथ के अपने आकाओं के लिए करोड़ो की दुध देने वाली दुधारू गाय बनकर रहना ही इस सरकार की एकमात्र प्राथमिकता लग रही है । वास्तव मेे मात्र ढाई वर्षो में ही इस सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात कर अपना जनाधार खो दिया है ।
इस प्रेस वार्ता में मीडिया जगत के पत्रकार बंधुओ के साथ ही सुमित्रा मारकोले, भरत मटियारा, बृजेश चौहान व दिलीप जायसवाल, शालिनी राजपूत, मीरा सलाम,महेश जैन, राजीव लोचन सिंह, देवेन्द्र भाउ, सुषमा गंजीर, राजा देवनानी, निपेन्द्र पटेल, देवेन्द्र साहू, हलधर साहू, आशाराम नेताम, मोती राम नाग, नारायण पोटाई, भूपेन्द्र नाग, अरूण कौशिक, गिरधर यादव, अंशु शुक्ला, विवेक परते, रवि तिवारी, सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

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