पाटन। विकासखंड मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर दूर जीवनदायनी खारुन नदी के किनारे बसे ग्राम सोनपुर जो अभनपुर से लांजी राजकीय मार्ग क्रमांक 22 से होकर इस गांव से गुजरती है इस ग्राम में इस अंचल के प्रसिद्ध माँ ज्वाला मंदिर एवं पशुधन के गुम हो जाने पर मन्नत पूरी करने वाले मंझला गोंटिया विराजमान ग्राम सोनपुर जहां की आबादी 1476 है और 15 वार्ड वाला यह ग्राम में कचरा ही कचरा है । इस गाँव के चारो ओर घुरवा बना हुआ है मुख्य मार्ग से इस ग्राम में प्रवेश करते ही पहला सामना घुरवा (कचरे का ढेर) से होता है । माँ ज्वाला मंदिर ,ग्राम देवी शीतला मंदिर तालाब ,के आसपास कचरों का ढेर लगा हुआ है नल पोस्ट ,हैंड पंप के आसपास भी कचरा ही कचरा है।

news24carate की टीम ने जब इस ग्राम का भ्रमण किया तो घरों से गन्दा पानी गलियों में निकल रहा था। जिससे गली में गन्दा पानी बह रहा है नल से निकलने वाले पानी के निकासी का भी सही व्यवस्था नही है। कच्ची नाली बनाई गई है जिसका पानी सब तरफ फैल रहा है। ग्राम में मितानिन है पर स्वक्षता के प्रति गम्भीरता नजर नही आई। इसके अलावा स्वसहायता समूह नव युवक मण्डल इस सब मे भी सफाई के प्रति गम्भीर नजर नही आये यदि यह कहा जावे की यह ग्राम कचरों के ढेर में बसा है कहना अतिश्योक्ति नही होगी । 15वे वित्त आयोग के 50 प्रतिशत राशि स्वक्षता एवं जल प्रबंधन में खर्च करने का प्रावधान है पर यहा कहीं नजर नही आता। ऐसे नही है कि शासन सफाई के प्रति गम्भीर नही है जनपद के द्वारा कचरा ढोने के लिये दो रिक्शा भी पंचायत को उपलब्ध कराई गई है जो 7 माह से पंचायत भवन परिसर में खराब होते पड़ा है।

मुख्य मार्ग कीचड़ से भरा— ग्राम सोनपुर से सिपकोन्हा मार्ग जो बस्ती से होकर गुजरता है जो निर्माणाधीन है बहुत बड़े गढ्डे है जिसमे पानी भरा हुआ है जिससे दुपहिया वाहन चालक गिर कर चोटिल हो जाते है कि दुपहिया वाहन चालक तो उस रास्ते में चल ही नहीं पाते हैं इस तरह से यह गांव विभिन्न समस्याओं से घिरा हुआ है इस ग्राम में अवैध शराब और गांजा की अवैध बिक्री होने की जानकारी मिली है अनेको बार पुलिस कारवाही हुई है लेकिन गांव में कोई खुलकर बोलना नही चाहता जिससे असमाजिक तत्वो के हिम्मत बढ़ी हुई है।
सरपंच गीतेश्वरी सिरमौर को जब स्वक्षता के बारे में पूछा गया तो उनका कहना है कि गांव में बोलते है पर कोई मानता नही समय समय पर मुनादी भी कराई जाती है पर लोग जागरूक नही हो पा रहे है।

