हम बस्तर के लोग ‘बस्तर’ के सम्मान के लिए चिकित्सा महाविद्यालय और विश्व विद्यालय से बस्तर शब्द हटाने का विरोध करते हैं -शिवसेना

बस्तर विश्व विद्यालय के नाम को बदलकर नक्सल घटना में जीवन खोने वाले बस्तर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद के नाम पर श. महेंद्र कर्मा विश्व विद्यालय करने के निर्णय के बाद पुनः शिवसेना ने इसका विरोध दर्ज़ कराया है। गौरतलब होकि इसी तरह जब राज्य में भाजपा की शासन की तब बस्तर चिकित्सा महाविद्यालय का नाम बदलकर वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व सांसद स्व. बलिराम कश्यप के नाम पर बदल दिया गया था, उन्होंने तब भी इसका विरोध दर्ज़ कराया था।

शिवसेना के ज़िला अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने शोसल मीडिया पोस्ट करके जानकारी दी हैकि वे स्वयं बस्तर विश्वविद्यालय में वानिकी व वन्यप्राणी विज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस का विद्यार्थी रहे हैं, इसी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध काकतीय महाविद्यालय से उन्होंने राजनीति विज्ञान में मास्टर ऑफ आर्ट्स की परीक्षा भी दी है। इससे पूर्व यह महाविद्यालय पंडित रविशंकर शुक्ल विश्व विद्यालय से संबद्ध हुआ करता था। तब उन्होंने यही से विज्ञान में स्नातक की उपाधी भी ली है।

बस्तर विश्वविद्यालय समस्त बस्तर अंचल में एक पहचान चिन्ह की भांती ही है, और पहचान चिन्हों का नाम बदलना उचित नही है।

शिवसेना के ज़िला अध्यक्ष ने नाम बदलने की प्रथा पर राजनैतिक रोटी सेंकने वाले दलों को आड़े हाथों लेते कहा कि आज भाजपा के लोग इस बात का विरोध कर रहे हैं, जब उनकी सरकार थी तब ‘बस्तर मेडिकल कॉलेज’ का नाम बदलकर भाजपा नेता व पूर्व सांसद के नाम पर ‘स्व. बलिराम स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय’ उन्होंने रख दिया था।

आज ठीक इसी तरह जब कांग्रेस की सरकार है तब बस्तर विश्वविद्यालय का नाम बदलकर कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद के नाम पर ‘स्व. महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय’ कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर विश्वभर में 75 दिनों के दशहरा पर्व सहित, बैलाडीला के खदान, केशकाल घाट, चित्रकोट, तीरथगढ़, जगत जननी मां शक्ति के दंतेश्वरी के रूप में मंदिर तथा जगत पालक भगवान विष्णु के नारायणपाल के प्राचीन मंदिर, वन्य जीवजंतुओं व वन संपदाओं के कारण अनेक मायनो में प्रसिद्ध है। अतः उसके नाम से खिलवाड़ करना उनकी महत्ता व इतिहास को मिटाने का प्रयास करने जैसा ही है। बस्तर हवाई अड्डा का नाम भी बदलकर स्थानीय देवी दंतेश्वरी के नाम पर रखा गया, हालांकि धार्मिक भावनाओं के कारण लोगों ने इसका विरोध नही किया, लेकिन शिवसेना ने इसपर भी आपत्ति दर्ज़ कराई थी, उन्होंने कहा था कि हवाई अड्डे के नाम दंतेश्वरी मां के नाम के बदले बस्तर होना विश्व पहचान देने में एक उदाहरण साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम सब बस्तर के लोग बस्तर के नाम को ही हटाने वाली मानसिकता का विरोध करते हैं।

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