पाटन। मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की वर्चुवल बैठक आयोजित की गई । बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमे प्रदेश सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ 2020 में धान फसल के पंजीकृत कृषकों एवं धान बीज उत्पादक कृषकों को 5837.40 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में दिए जाने का निर्णय लिया गया।
योजना में खरीफ 2021 की समस्त फसलों को जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी , रागी , अरहर , मंूग , उड़द , कुल्थी , सोयाबीन , मूंगफल्ली , तिल , रामतिल, कपास , सनई , जूट के साथ साथ कृषि वानिकी तथा गन्ना फसल को शामिल करने का निर्णय लिया गया। इस योजना में समस्त श्रेणी के भूमि स्वामी कृषक एवं वन पट्टाधारी कृषक पात्र होंगे।
खरीफ 2021 से योेजना के अंतर्गत कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि स्वामी कृषक को सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
गन्ना पेराई वर्ष 2020-21 हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफ.आर.पी. के आधार पर औसत रिकव्हरी दर अनुसार कृषकों को एफ.आर.पी. की अंतर राशि 84.25 रूपए प्रति क्विंटल की दर से आदान सहायता के रूप में भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया।
किसान नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश ठाकुर ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानो के हित मे लगातार काम किया जा रहा है। कोरोना संकट के बाद भी जन हितैषी निर्णय लेते हुए श्री बघेल ने कोदो,कुटकी,दलहन, तिलहन सहित 13 अन्य फसलों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है उससे किसानों फायदा मिलेगा।
मुख्यमंत्री जी द्वारा किसान हित मे किये जा रहे प्रयासों से छतीसगढ़ में लोग अब खेती की ओर अग्रसर हो रहे है। श्री ठाकुर ने कोदो, कुटकी,दलहन तिलहन सहित 13 फसल को राजीव गांधी न्याय योजना में शामिल करने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
