आरंग। इस कोरोना महामारी में जब सभी के काम बंद है लेकिन ग्राम आमदी और आरंग के महिला समूह और किसान इस एक दिवसीय के चर्चा में सम्मिलित हुए।
इस कॉन्फ्रेंस में जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह और जय मां गंगा स्व सहायता समूह आमदी और रिलायंस फाउंडेशन से कृषि विशेषज्ञ उगेंद्र पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर मिथलेश साहू, प्रोग्राम सपोर्ट डायमंन सिंह और आरंग के किसान भाई उपस्थित थे।
इस कॉन्फ्रेंस में सभी किसान अपने घर में रहकर कृषि संबंधित चर्चा किए और फसल संबंधित समस्या का एक एक करके समस्या का समाधान लिए।
उगेन्द्र पांडेय जी ने किसान को मृदा परीक्षण के महत्व के बारे में बताया उन्होंने जानकारी दी कि मिट्टी के सैंपल कैसे ले और जमीन में पोषक तत्व को कैसे बनाए रखें साथ ही उन्होंने किसानों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर भी दिए किसानों द्वारा खेतों में कड़ापन को कैसे दूर करें पूछा गए प्रश्न का उत्तर कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि भूमि का कड़ापन दूर करने के लिए किसानों को जैविक खाद का प्रयोग अधिक से अधिक करें जिससे भूमि में जीवांश ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़ेगी कृषि विशेष वैज्ञानिक उगेन्द्र पांडेय जी ने सुझाव दिया कि किसान अपने गोबर खाद के घुरवा से सीधा अपने खेल में डालने हेतु ले जाते हैं जो उचित नहीं है उन्होंने सलाह दिया कि किसान अपने घूरवा से गोबर की खाद को निकाले और उसे ट्राइकोडर्मा से उपचारित करें इससे खाद की गुणवत्ता बढ़ेगी। इसके लिए एक ट्रैक्टर ट्रॉली गोबर की खाद में 5 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा 100 लीटर पानी में मिलाकर 15 दिन के लिए प्लास्टिक से ढक कर के रखे 15 दिनो के पश्चात इस खाद में हरे रंग के फफूंद उग जाएंगे तत्पश्चात इसे खेत में ले जाकर बिखरने का कार्य करें ट्राइकोडरमा के द्वारा खाद की उपचारित करने से पौधे को बेहतर पोषण मिलती है एवं पौधों की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है किसान भाइयों को धान की उन्नत तकनीकी का प्रयोग करने का सलाह दिया गया और बीच को छिटका पद्धति करने के बजाय कतार पद्धति बोले करने की सलाह दी गई।
साथ ही मिथलेश साहू ने रिलायंस फाऊंडेशन द्वारा किसानो को संचार माध्यम से विभागीय योजनाओं से जुड़ने की और रिलायंस फाउंडेशन के निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1800-419-8800 के बारे में बताया।
रिलायंस फाउंडेशन द्वारा महिला समूह को मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन और खरीफ फसल की तैयारी की दी जानकारी
