रायपुर। संजीवनी 108 एंबुलेंस सेवा के टेंडर में हुई गड़बड़ी की जांच और कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के लिये मुख्यमंत्री
भूपेश बघेल से मांग की है। जो निम्नानुसार है:-
सादर निवेदन है कि आप के शासनकाल में संजीवनी 108 एंबुलेंस सेवा का नया टेंडर हुआ इसे सभी पुराने कर्मचारियों और छत्तीसगढ़ की आम जनता को काफी उम्मीद जगी थी की एंबुलेंस सेवा में बहुत सुधार होगा और सभी पुराने कर्मठ कर्मचारियों सहित छत्तीसगढ़ की जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा लेकिन जब से संजीवनी 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन नवंबर 2019 से नई कंपनी जय अंबे को मिला तब से ठेका कंपनी के ऊपर गड़बड़ी कागजात में हेरफेर करके ठेका लेने सहित कई आरोप लगे चुके हैं और कुछ आरोप सिद्ध करने के लिए प्रयास जारी है लेकिन कंपनी के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है हम छत्तीसगढ़ के संजीवनी 108, 102 कर्मचारी कल्याण संघ आपसे विनम्र निवेदन करते हुए निम्न बिंदुओं पर कंपनी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही जांच करने एवं कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का निदान हेतु पहल करने का निवेदन करते हैं।
1, 108 संजीवनी एक्सप्रेस संचालन करता ठेका कंपनी जय अंबे इमरजेंसी सर्विस के ऊपर जितने भी आरोप शिकायत हुए हैं उन सब पर जांच और त्वरित कार्रवाई करने हेतु निर्देशित करने की कृपा करे।
2, जब कंपनी को टेंडर मिला था तो आपके द्वारा आश्वस्त कराया गया था कि सभी पुराने कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर पुनः रखा जाएगा किसी भी कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा लेकिन ठेका कंपनी ने लगभग 400 पुराने कर्मचारियों को नवंबर 2019 से आज पर्यंत तक नौकरी पर नहीं रखा है जिससे सेवा की गुणवत्ता में कमी आई है और छत्तीसगढ़ की आम जनता की जान जोखिम पर हैं।
3, अधिकांश संजीवनी 108 एंबुलेंस में ठेका के बाद से ही कंपनी द्वारा प्राथमिक उपचार की दवाइयां उपकरण, ऑक्सीजन नहीं दिया जा रहा है एंबुलेंस में अति आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां और उपकरणों का सामान नहीं दिया जा रहा है । कंपनी द्वारा प्रत्येक माह एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की जीवन रक्षक दवाइयां ऑक्सीजन सिलेंडर , फेस मास्क PPE कीट, सेनिटाइजर, एम्बुलेंस वैश्विक महामारी कोरोना काल के प्रारंभ से निरंतर अभाव बना हुआ है और जीवन रक्षक दवाइयां पीपीई कीट, नहीं दिया जा रहा है मांगने पर कंपनी प्रबंधन द्वारा नौकरी से निकाल देने की धमकी दिया जाता है ।
4, ठेका कम्पनी दुवारा 2 से 3 माह में कार्य कराने के बाद 1 माह का वेतन दिया जा रहा है बकाया वेतन के भुगतान हेतु कंपनी और विभाग को निर्देशित करने की कृपा भी करें जिसे करो ना काल में हम कर्मचारियों के परिवार का जीवन यापन सुचारू रूप से चल सके कर्मचारियों को 12 से 15 घंटे काम कराया जा रहा है विगत पिछले 2 सालों से कर्मचारियों के वेतन में ठेका कंपनी द्वारा कुछ भी बढ़ोतरी नहीं की गई है कर्मचारियों किसी भी प्रकार का सप्ताहिक अवकाश ओवर टाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा है कर्मचारियों को कोविड19 से संक्रमित होने पर होम आइसोलेशन में रखा जाता है लेकिन उसका वेतन नहीं दिया जाता है अत्यधिक काम के तनाव से कर्मचारियों में मानसिक शारीरिक परेशानियों से अवसाद ग्रस्त हैं कर्मचारियों में नौकरी से निकालने का डर का वातावरण में कार्य किया जा रहा है।
5, जय अम्बे 108 संचालन कर्ता कंपनी द्वारा निर्धारित समय अवधि में एंबुलेंस की सर्विसिंग नहीं कराई जाती है सर्विसिंग के नाम पर खानापूर्ति कर इंजन आयल ही बदला जा रहा है जिससे एंबुलेंस की कार्य क्षमता भी प्रभावित हो रही है कर्मचारियों के ऊपर कम समय में अधिक केस करने का व एवरेज देने का दबाव बनाया जाता है एंबुलेंस में छोटे-मोटे मरम्मत के लिए कंपनी द्वारा किसी भी प्रकार का खर्च नहीं दिया जा रहा है जिस कारण कुछ रोज पहले जिला कोरबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में 3 दिन तक पंचर नहीं बनने के कारण 108 एंबुलेंस खड़ी रही और एंबुलेंस ना मिलने के कारण 7 मई को पाली में दर्द से तड़पती महिला की मौत हो गई।
6, सभी कर्मचारियों को प्रति महीना सैलरी स्लिप नहीं दिया जाना व कर्मचारियों को विगत अक्टूबर माह से इपीएफ नहीं काटा जा रहा है साथ ही नवंबर 2019 से जय अंबे कंपनी द्वारा किसी भी कर्मचारियों का ईएसआईसी कार्ड नहीं बनाया गया है जिसका अंशदान प्रत्येक महीना प्रति कर्मचारियों द्वारा लिया जाता है क्योंकि अंशदान में भी कंपनी द्वारा गड़बड़ी कि संभावना है जो कि एक जांच का विषय है।
7, जय अंबे कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है नहीं कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी दर का लाभ दिया जा रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री जी आपसे करबद्ध निवेदन है कि आपातकालीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा की गुणवत्ता आम जन जीवन की रक्षा के लिए ठेका कंपनी के ऊपर लगे सभी आरोपों को जांच कराकर त्वरित कार्रवाई करने एवं कार्यरत कर्मचारियों की सभी समस्याओं को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई हेतु पहल कर 108 संजीवनी एंबुलेंस 102 महतारी एंबुलेंस सेवा के संचालन का जिम्मा सरकार स्वयं करें जिससे कि गुणवत्ता और कार्यरत कर्मचारियों और विगत 2 वर्षों से जो बाहर कर्मचारियों है परेशानियों का सामना ना करना पड़े करना पड़े।
